China Develops Humanoid Robot : आर्टिफिशियल वूम्ब तकनीक तैयार, रोबोट करेगा 10 महीने तक गर्भधारण

Sun 30-Nov-2025,01:51 AM IST +05:30

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China Develops Humanoid Robot : आर्टिफिशियल वूम्ब तकनीक तैयार, रोबोट करेगा 10 महीने तक गर्भधारण China Develops Humanoid Robot
  • चीन की कंपनी Kaiwa Technology ऐसा ह्यूमनॉइड रोबोट बना रही है जिसमें आर्टिफिशियल गर्भाशय के जरिए 10 महीने तक भ्रूण का विकास संभव होगा।

  • 2026 तक पहला रोबोटिक प्रेग्नेंसी मॉडल लॉन्च होने की उम्मीद, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख युआन बताई जा रही है। 

  • तकनीक प्रजनन क्षमताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी, लेकिन मातृत्व, नैतिकता और पारिवारिक संरचना को लेकर बड़े सामाजिक सवाल खड़े कर रही है।

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली / दुनिया विज्ञान के उस मोड़ पर पहुंच रही है, जहां मानव जीवन की सबसे प्राकृत‍िक प्रक्रिया गर्भधारण और बच्चे का जन्म अब इंसानों की बजाय मशीनें संभालती दिखाई दे सकती हैं। चीन की एक टेक कंपनी Kaiwa Technology ने ऐसा ह्यूमनॉइड रोबोट विकसित करने की दिशा में काम तेज कर दिया है, जो इंसानों की तरह 10 महीने तक गर्भधारण कर सकेगा। कंपनी के मुताबिक, यह तकनीक “मैच्योर स्टेज” में पहुंच रही है और इसका पहला प्रोटोटाइप वर्ष 2026 तक लॉन्च किया जा सकता है।

इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे वैज्ञानिक डॉ. झांग चिफेंग सिंगापुर की NTU यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर चुके हैं। उनकी टीम एक उन्नत Artificial Womb System पर काम कर रही है, जिसे ह्यूमनॉइड रोबोट के अंदर फिट किया जाएगा। यह कृत्रिम गर्भाशय भ्रूण को सुरक्षित तापमान, पोषण, विकास वातावरण और मॉनिटरिंग सिस्टम प्रदान करेगा, जो प्राकृतिक गर्भधारण की प्रक्रिया की नकल करेगा। तकनीक में एक विशेष ट्यूब-फ्लूड सर्कुलेशन सिस्टम तैयार किया गया है, जो भ्रूण को सभी आवश्यक पोषक तत्व नियंत्रित तरीके से पहुंचाएगा।

तकनीक के बड़े फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक उन कपल्स के लिए नई उम्मीद बन सकती है, जो किसी चिकित्सीय कारण से गर्भधारण नहीं कर पाते।
इससे महिलाओं को गर्भावस्था से जुड़ी कई जटिलताओं, हार्मोनल समस्याओं और जोखिमों से भी राहत मिल सकती है।
विज्ञान इसे “रिप्रोडक्टिव इंडिपेंडेंस” की दिशा में अगला बड़ा कदम मान रहा है।

नैतिकता और विवाद

हालाँकि यह तकनीक जितनी क्रांतिकारी है, उतने ही बड़े सवाल भी खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानव गर्भाशय केवल एक जैविक अंग नहीं, बल्कि मां-बच्चे के भावनात्मक, हार्मोनल और इम्यून कनेक्शन का माध्यम है। इसे किसी मशीन में पूरी तरह दोहराना असंभव माना जा रहा है। कई सामाजिक समूह इसे “मातृत्व की प्राकृतिक परिभाषा पर खतरा” बताते हैं।

चीन की ग्वांगडोंग सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए नैतिक और कानूनी दिशानिर्देश तैयार कर रही है। समर्थकों की राय है कि यह इंसान की प्रजनन स्वतंत्रता में बड़ा बदलाव ला सकती है, जबकि विरोधियों के अनुसार यह पारिवारिक संरचना और रिश्तों को नए सवालों में घेर देगी। भविष्य में रोबोटिक गर्भावस्था किस दिशा में जाएगी, यह समय बताएगा। लेकिन इतना तय है कि यह तकनीक मानव इतिहास को एक नए युग में प्रवेश करा सकती है।