मन की बात में पीएम मोदी ने भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान और सॉफ्ट पावर पर दिया जोर
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पीएम मोदी ने मन की बात में भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया आज योग, आयुर्वेद और भारतीय परंपरा को अपनाने लगी है।
G-20 दौरान भारत की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने वैश्विक नेताओं को प्रभावित किया, जिससे भारतीय सभ्यता की सॉफ्ट पावर और भी मजबूत हुई।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से भारतीय कला, भाषा और शिल्प को डिजिटल माध्यमों के जरिए दुनिया तक पहुँचाने का आह्वान किया।
नई दिल्ली / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी लोकप्रिय रेडियो श्रृंखला ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी में भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत के वैश्विक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में हर जगह भारत की सभ्यता को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और इसका कारण देशवासियों का निरंतर प्रयास, योग-दर्शन और प्रकृति आधारित जीवनशैली है। प्रधानमंत्री ने बताया कि चाहे पर्यावरण संरक्षण हो, वैश्विक शांति का संदेश हो या मानवता के प्रति करुणा भारत की मूल्य-व्यवस्था ने दुनिया को एक नई दिशा दिखाई है।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया के कई देशों में आज योग दिवस, आयुर्वेद आधारित हिलिंग सिस्टम और भारतीय त्योहारों का उत्साह बढ़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई वैश्विक नेता भी जब भारत आते हैं, तो वे भारतीय संस्कृति का अनुभव करना चाहते हैं चाहे वो मंदिर भ्रमण हो, पारंपरिक शिल्पकारी देखना हो या भारतीय व्यंजन चखना हो।
प्रधानमंत्री ने बताया कि G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत द्वारा प्रदर्शित सांस्कृतिक धरोहर ने विदेशी मेहमानों को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया ने भारत को सिर्फ एक आर्थिक शक्ति के रूप में नहीं देखा, बल्कि एक ऐसी सांस्कृतिक शक्ति के रूप में भी देखा, जिसमें “वसुधैव कुटुम्बकम्” की आत्मा बसती है।
अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भारत की कला, संस्कृति, संगीत, हथकरघा, परंपरा और भाषाओं के बारे में दुनिया को बताने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत के पास ऐसी सांस्कृतिक पूँजी है जो आने वाली सदी में वैश्विक मार्गदर्शक के रूप में उभर सकती है। मोदी ने यह भी कहा कि देशभर में युवा स्टार्टअप्स भारतीय शिल्प और कला को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लेकर जा रहे हैं, जिससे दुनिया तक भारतीय परंपरा की चमक पहुँच रही है। उन्होंने इसे “भारत की सॉफ्ट पॉवर का पुनर्जागरण” बताया।