Cyclone Ditwah Red Alert | चेन्नई सहित दक्षिण भारत में भारी बारिश और रेड अलर्ट जारी
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Chennai heavy rain alert: IMD cyclone forecast 2025
उत्तरी तमिलनाडु और चेन्नई में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी.
IMD ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी.
अगले 48 घंटों में तटीय राज्यों में बाढ़ का जोखिम.
Channai / दक्षिण भारत इस समय चक्रवात दितवाह के प्रभाव में है, जिसने श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद अब भारत की ओर रुख किया है। चक्रवात की रफ्तार बेहद धीमी हो चुकी है, जिससे इसका असर लंबे समय तक रहने की आशंका बढ़ गई है। चेन्नई में बारिश शुरू हो चुकी है और पूरे उत्तरी तमिलनाडु में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात वर्तमान में चेन्नई से लगभग 470 किमी दक्षिण में स्थित है और 30 नवंबर तक तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों के समानांतर बढ़ते हुए धीरे-धीरे एक गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बावजूद, इससे व्यापक स्तर पर बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊँची लहरें उठने की संभावना बनी हुई है।
IMD ने उत्तरी तमिलनाडु के चार तटीय जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है, जहां 20 सेंटीमीटर से अधिक की वर्षा हो सकती है। चेन्नई और आस-पास के 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू है। रायलसीमा और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भी शनिवार और रविवार के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। रविवार के लिए कुछ जिलों में फिर से रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर है। राहत और बचाव दल संवेदनशील इलाकों में तैनात किए जा चुके हैं और समुद्री गतिविधियों को रोक दिया गया है।
दूसरी ओर, श्रीलंका में दितवाह ने विनाश की बड़ी तस्वीर छोड़ दी है। यहां 123 लोगों की मौत, लाखों प्रभावित और हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं। बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों को तबाह कर दिया है। इसी बीच भारत ने मानवीय सहायता के तहत ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया है। राहत सामग्री की पहली खेप भारतीय नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत और INS उदयगिरी से भेजी गई है। इसमें भोजन, दवाइयाँ, टेंट, पानी और अन्य आवश्यक संसाधन शामिल हैं। भारत का यह कदम दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग और आपसी संबंधों को और मजबूत करता है।
भारतीय तटीय राज्यों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के सभी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।