1 जनवरी 2026 से Non-AC स्लीपर यात्रियों को सस्ती बेडरोल सुविधा, रेलवे ने की बड़ी घोषणा

Sun 30-Nov-2025,11:53 AM IST +05:30

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1 जनवरी 2026 से Non-AC स्लीपर यात्रियों को सस्ती बेडरोल सुविधा, रेलवे ने की बड़ी घोषणा
  • दक्षिण रेलवे 1 जनवरी 2026 से Non-AC स्लीपर यात्रियों को कम कीमत में बेडरोल सेट उपलब्ध कराएगा, जिससे लंबी यात्रा अधिक आरामदायक होगी।

  • नई सेवा के तहत ₹20 से ₹50 के भीतर बेडशीट और तकिया उपलब्ध होंगे, जिससे यात्रियों और रेलवे दोनों को लाभ मिलेगा।

  • NINFRIS योजना के सफल पायलट के बाद बेडरोल सुविधा स्थायी की गई, जिससे यात्रियों की स्वच्छता और आराम में बड़ा सुधार होगा।

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली / भारतीय रेलवे लगातार अपने यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उसी क्रम में दक्षिण रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि 1 जनवरी 2026 से Non-AC स्लीपर कोच यात्रियों को कम दाम में बेडरोल सेट उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा लाखों यात्रियों के लिए खासकर सर्दियों और मानसून के मौसम में यात्रा को आरामदायक बनाने वाली है।

नॉन-एसी यात्रियों के लिए पहले तक बेडशीट और तकिया उपलब्ध नहीं कराया जाता था, जिसके कारण लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों को स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती थी। लेकिन अब नई सुविधा के तहत यात्री बेहद नाममात्र शुल्क देकर यह सुविधा ट्रेन में ही प्राप्त कर सकेंगे।

क्या होंगी कीमतें?

दक्षिण रेलवे ने बेडरोल सेट की कीमतें काफी किफायती रखी हैं-

सेवा शुल्क
पूरा सेट (1 बेडशीट + तकिया + तकिए का कवर) ₹50
केवल बेडशीट ₹20
तकिया + तकिए का कवर ₹30

यह सुविधा टिकट किराए से अलग होगी और यात्रा के दौरान ऑन-डिमांड उपलब्ध होगी।

रेलवे और यात्रियों दोनों को फायदा

इस नई सुविधा से यात्रियों को तो आराम मिलेगा ही, रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। चेन्नई डिवीजन ने अनुमान लगाया है कि इस सेवा से अगले तीन वर्षों में लगभग ₹28.27 लाख का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। सोशल मीडिया पर लोग इस कदम की सराहना करते हुए इसे “छोटा कदम, बड़ा आराम” बता रहे हैं।

सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद लागू हुआ स्थायी मॉडल

यह पूरा प्रोजेक्ट रेलवे की NINFRIS-New Innovative Non-Fare Revenue Ideas Scheme के अंतर्गत शुरू किया गया था। 2023–24 में इसे पायलट आधार पर लागू किया गया, जहां यात्रियों ने इस सुविधा को खूब पसंद किया।
इसके बाद रेलवे ने इसे स्थायी रूप से लागू करने का निर्णय लिया।

बेडरोल की खरीद, मशीनी धुलाई, पैकिंग, वितरण और भंडारण का पूरा काम एक ठेकेदार को सौंपा जाएगा, ताकि स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों को उच्च स्तर पर बनाए रखा जा सके।

यात्रियों के अनुभव में आएगा सकारात्मक बदलाव

चेन्नई डिवीजन का यह कदम यात्री-केंद्रित सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। किफायती दाम, स्वच्छता और सुविधा का यह संयोजन भारतीय रेल यात्रा को एक नए आधुनिक स्तर पर लेकर जाएगा।