वैष्णो देवी हादसा: खेकड़ा-मवाना की दो बहनों की मौत, भूस्खलन से 33 श्रद्धालु मारे गए

Wed 27-Aug-2025,04:52 PM IST +05:30

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वैष्णो देवी हादसा: खेकड़ा-मवाना की दो बहनों की मौत, भूस्खलन से 33 श्रद्धालु मारे गए Vaishno Devi landslide accident 2025
  • वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, दो बहनों की दर्दनाक मौत.

  • खेकड़ा और मवाना का परिवार हादसे का शिकार, कई घायल.

  • जम्मू-कश्मीर में बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त.

Jammu and Kashmir / Jammu :

Jammu-Kashmir / मां वैष्णो देवी के दर्शन को गया खेकड़ा (बागपत) और मेरठ का एक परिवार भीषण हादसे का शिकार हो गया। कटड़ा स्थित यात्रा मार्ग पर हुए भूस्खलन में पांच लोग दब गए, जिनमें से दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में मारे गए लोगों में एक नवविवाहिता और उसकी सगी बहन शामिल हैं। परिवार में शादी के महज चार महीने बाद मातम छा गया।

खेकड़ा के छोटा बाजार निवासी मयंक गोयल अपनी पत्नी चांदनी और मेरठ के मवाना निवासी साढ़ू अमित वर्मा, पत्नी नीरा और बेटी विधि के साथ 25 अगस्त को माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए निकले थे। यात्रा के दौरान कटड़ा में पहाड़ से अचानक मलबा गिर पड़ा, जिसमें यह पूरा परिवार दब गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने तुरंत राहत व बचाव अभियान शुरू किया और सभी को निकालकर अस्पताल भेजा। लेकिन डॉक्टरों ने चांदनी और नीरा को मृत घोषित कर दिया। घायलों का उपचार जारी है।

नवविवाहिता की चार महीने पहले हुई थी शादी

मृतका चांदनी की शादी 22 अप्रैल 2025 को मयंक गोयल से हुई थी। परिवार ने सोचा था कि शादी के बाद पहली बार माता वैष्णो देवी के दर्शन का अवसर मिलेगा, लेकिन यात्रा मौत का सफर बन गई। मयंक की हालत गंभीर है और पत्नी की मौत से वह लगातार रो रहे हैं। दूसरी मृतका नीरा की शादी 12 साल पहले हुई थी और वह मवाना निवासी अमित की पत्नी थीं। अमित की सुनार की दुकान है और उनके पिता स्थानीय स्तर पर चाट का काम करते हैं। इस घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है।

परिजनों को हादसे की सूचना

मवाना के मोहल्ला तिहाई निवासी अशोक वर्मा ने बताया कि उनका बेटा अमित, बहू नीरा और पोती विधि दिल्ली से ट्रेन पकड़कर रविवार को जम्मू पहुंचे थे। वहीं खेकड़ा निवासी मयंक और उसकी पत्नी भी साथ गए। देर रात फोन पर हादसे की सूचना मिली, लेकिन विस्तार से कुछ पता नहीं चल पाया। केवल इतना बताया गया कि अमित और उसकी बेटी घायल हुए हैं।

जम्मू में प्राकृतिक आपदा का कहर

यह हादसा जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हुआ है। चार दिनों से जारी तेज बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के बाद यात्रा रोक दी गई है। इस आपदा में अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

इसके अलावा, जम्मू के चनैनी नाला में एक कार गिरने से तीन श्रद्धालु बह गए। इनमें से दो राजस्थान के धौलपुर और एक आगरा का निवासी है। वहीं, जम्मू संभाग में नदियां उफान पर हैं और शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त

भारी बारिश से जम्मू में तवी नदी पर बना भगवतीनगर पुल धंस गया। नदी पर बने अन्य दो पुलों पर भी एहतियातन यातायात बंद कर दिया गया है। कठुआ के पास पुल धंसने से जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पहले से बंद था। अब विजयपुर के पास एम्स के नजदीक देविका पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके बाद जम्मू का सड़क मार्ग और रेल संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

रामबन में 12 स्थानों पर भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद है। जम्मू, उधमपुर और कटड़ा आने वाली 18 ट्रेनें रद्द कर दी गईं, वहीं जम्मू-श्रीनगर की दो उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं।

बाढ़ का खतरा और प्रशासन की सख्ती

लगातार बारिश से तवी, चिनाब, उज्ज, रावी और अन्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सांबा जिले में सेना ने गुज्जर समुदाय के सात लोगों को नदी से सुरक्षित निकाला। कई जिलों में घरों को खाली कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

जम्मू प्रशासन ने मंगलवार रात 9 बजे के बाद लोगों के घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी थी। सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थान 27 अगस्त को बंद रखने का आदेश दिया गया। हाईकोर्ट की परीक्षा स्थगित कर दी गई है।

मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हालात पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और राहत कार्यों में तेजी लाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे खुद हालात का जायजा लेने के लिए जम्मू पहुंचेंगे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी श्रद्धालुओं की मौत पर दुख व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जिला और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल युद्धस्तर पर तैनात हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

नदियों का उफान और गांवों में तबाही

कठुआ के बनी और बिलावर में रावी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। यहां 11 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उज्ज नदी के उफान से निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। चिनाब, सेवा, तरनाह, सहार खड्ड और मग्गर खड्ड में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

भद्रवाह-डोडा मार्ग, रामनगर, पंचैरी और मजालता क्षेत्रों में भूस्खलन और पहाड़ से पत्थर गिरने की वजह से यातायात बाधित है। कई स्थानों पर सड़कें बह गईं और शटरिंग ढह गई है।

निष्कर्ष

जम्मू-कश्मीर में इस समय बारिश और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर हैं। माता वैष्णो देवी के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं पर टूटा यह कहर न केवल उनके परिवारों को गहरे दुख में छोड़ गया, बल्कि इसने प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ परिवार अपनी बेटियों को खोने के सदमे में डूबे हैं, वहीं दूसरी ओर हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। प्रशासन युद्धस्तर पर राहत कार्य कर रहा है, लेकिन हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं।