पटना में STET अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, TRE-4 से पहले परीक्षा कराने की मांग तेज
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पटना में STET अभ्यर्थियों पर पुलिस का लाठीचार्ज.
TRE-4 से पहले STET परीक्षा कराने की मांग तेज.
अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को बताया करियर के लिए नुकसानदायक.
Patna / बिहार की राजधानी पटना गुरुवार को एक बार फिर छात्र-आंदोलन का गवाह बनी, जब बड़ी संख्या में STET (State Teacher Eligibility Test) अभ्यर्थी जेपी गोलंबर पर इकठ्ठा हुए। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग थी कि सरकार TRE-4 (Teacher Recruitment Exam-4) से पहले STET परीक्षा का आयोजन करे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई छात्रों को चोटें भी आईं।
यह पहला मौका नहीं है जब STET अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुआ हो। इससे पहले 7 अगस्त को भी पटना के जेपी गोलंबर पर इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। बार-बार हो रहे लाठीचार्ज ने अभ्यर्थियों के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।
सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि अगली STET परीक्षा वर्ष 2026 में आयोजित की जाएगी। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि इस फैसले से हजारों उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित होगा। उनका तर्क है कि बिना STET परीक्षा पास किए वे TRE-4 में आवेदन करने के योग्य नहीं होंगे, जिससे उनका कीमती समय बर्बाद होगा और कैरियर पर असर पड़ेगा।
बिहार में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक पदों पर आवेदन करने के लिए STET पास करना अनिवार्य शर्त है। यह परीक्षा उम्मीदवारों की पात्रता तय करती है। ऐसे में STET के आयोजन में देरी को लेकर छात्रों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार से मांग की है कि TRE-4 परीक्षा से पहले STET का आयोजन अवश्य कराया जाए, ताकि सभी योग्य उम्मीदवारों को बराबरी का मौका मिले। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही और परीक्षा में देरी की मार सबसे ज्यादा बेरोजगार युवाओं को झेलनी पड़ रही है।
पटना में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों का आंदोलन फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह और उग्र हो सकता है, यदि सरकार कोई ठोस आश्वासन नहीं देती।