हिमाचल प्रदेश और पाकिस्तान में भूकंप के झटके, प्रशासन सतर्क
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चंबा और कांगड़ा में लगातार भूकंप के झटके दर्ज.
पाकिस्तान में भी 3.7 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया.
किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं.
Chamba / हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में गुरुवार सुबह फिर से धरती हिली। सुबह 4:39 बजे रिक्टर स्केल पर 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र चंबा क्षेत्र में 10 किलोमीटर गहराई पर था। इसी समय पाकिस्तान में भी 3.7 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। राहत की बात यह है कि दोनों ही जगहों से अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
इससे पहले भी सुबह 3:27 बजे चंबा जिले में 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इसका केंद्र जमीन के लगभग 20 किलोमीटर अंदर स्थित था। लगातार आ रहे ये झटके स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि झटकों के दौरान वे घरों से बाहर निकल आए और सतर्क हो गए। हालांकि, थोड़ी देर बाद स्थिति सामान्य हो गई।
भूकंप का यह सिलसिला ऐसे समय में देखने को मिल रहा है जब हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में बादल फटने की घटनाएँ भी लगातार सामने आ रही हैं। सबसे पहले उत्तरकाशी जिले के धराली और हर्षिल में बादल फटने की घटनाएँ हुईं और अब कुल्लू तक इसका असर देखने को मिला है। कुल्लू में बादल फटने से कई पुल, सड़कें और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे प्रशासन की चिंताएँ और भी बढ़ गई हैं क्योंकि राज्य पहले से ही आपदा की स्थिति से जूझ रहा है।
इसके अलावा, सोमवार रात को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भी 3.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। यह झटका रात 9:28 बजे धर्मशाला कस्बे के पास महसूस किया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र धर्मशाला से 23 किलोमीटर दूर था और इसकी गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप का स्थान 32.23 उत्तर अक्षांश और 76.38 पूर्व देशांतर पर था।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश और इसके आसपास का इलाका भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। कांगड़ा जिला भूकंपीय जोन-5 में आता है, जिसे उच्च क्षति जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है। इस वजह से यहां हल्के भूकंप भी लोगों में डर का कारण बन जाते हैं। यही वजह है कि हाल ही में आए भूकंपों के झटकों के बाद लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
हालांकि राज्य प्रशासन ने साफ किया है कि इन भूकंपों से किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है और न ही कोई आपदा संबंधी रिपोर्ट प्राप्त हुई है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क बने रहें।
पिछले कुछ महीनों से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर हल्के भूकंप दर्ज किए जा रहे हैं। यह स्थिति विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक है क्योंकि यह इलाका टेक्टॉनिक प्लेटों की हलचल वाला क्षेत्र है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे भूकंप आने वाले समय में भी महसूस किए जा सकते हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन और लोगों को सजग रहने की आवश्यकता है।
कुल मिलाकर, चंबा और कांगड़ा में आए झटके और साथ ही पाकिस्तान में महसूस किया गया भूकंप हमें यह याद दिलाता है कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद नाजुक है। वहीं, बादल फटने की घटनाओं ने इस आपदा परिदृश्य को और गंभीर बना दिया है। राज्य प्रशासन फिलहाल स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और राहत-बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।