छांगुर बाबा और नवीन रोहरा मामला: ED ने 13 करोड़ की संपत्तियां अटैच की | अवैध धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग जांच
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ईडी ने 13.02 करोड़ की संपत्तियां अटैच कीं.
छांगुर बाबा पर अवैध धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग के आरोप.
नवीन रोहरा की दुबई कंपनी से करोड़ों रुपये भारत ट्रांसफर.
Uttar Pradesh / उत्तर प्रदेश में छांगुर बाबा और नवीन रोहरा से जुड़ा मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में ईडी (Enforcement Directorate) ने बड़ा कदम उठाते हुए दोनों आरोपियों की 13 अचल संपत्तियों को अटैच कर लिया है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 13.02 करोड़ रुपये आंकी गई है। दावा किया जा रहा है कि ये संपत्तियां नीतू नवीन रोहरा के नाम पर बलरामपुर जिले के उत्तरौला क्षेत्र में खरीदी गई थीं।
ईडी की जांच की शुरुआत एटीएस लखनऊ की एफआईआर के आधार पर हुई थी। एफआईआर में गंभीर आरोप लगाए गए थे कि छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों ने अवैध धर्मांतरण तथा विदेशी फंडिंग का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। इस नेटवर्क को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था। आरोप है कि छांगुर बाबा बलरामपुर स्थित चांद औलिया दरगाह से इस नेटवर्क को संचालित करता था। वह बड़े पैमाने पर धार्मिक सभाओं का आयोजन करता था, जिनमें देश-विदेश से लोग शामिल होते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि छांगुर बाबा विशेष रूप से अनुसूचित जाति समुदाय और आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू परिवारों को निशाना बनाता था। उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था और उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रलोभन भी दिए जाते थे। ईडी के अनुसार, यह गतिविधियां सिर्फ धार्मिक रूपांतरण तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इसके पीछे विदेशी फंडिंग और बड़े पैमाने पर आर्थिक लेन-देन की साजिश भी शामिल थी।
ईडी की जांच से यह तथ्य सामने आया कि करोड़ों रुपये की संदिग्ध फंडिंग नवीन रोहरा की दुबई स्थित कंपनी यूनाइटेड मरीन एफजेडई के बैंक खाते में जमा हुई। इसके बाद यह पैसा एनआरई/एनआरओ खातों के जरिए भारत लाया गया। जांच में पता चला कि लगभग 21.08 करोड़ रुपये भारत में ट्रांसफर किए गए, जिनका इस्तेमाल बलरामपुर जिले में नीतू रोहरा के नाम पर संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया।
इस पूरे मामले में ईडी ने पहले छांगुर बाबा को 28 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था, जबकि नवीन रोहरा को 4 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी का कहना है कि यह मामला केवल संपत्ति और फंडिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।
यह मामला न केवल धार्मिक रूपांतरण और फंडिंग की साजिश को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि किस तरह संगठित तरीके से संदिग्ध विदेशी धन का इस्तेमाल कर भारत में नेटवर्क खड़ा किया गया। ईडी की कार्रवाई से यह साफ है कि सरकार इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी रख रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।