कठुआ में बादल फटने से तबाही: 4 की मौत, कई घायल

Sun 17-Aug-2025,12:32 PM IST +05:30

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कठुआ में बादल फटने से तबाही: 4 की मौत, कई घायल Kathua cloudburst news
  • कठुआ जिले में बादल फटने से 4 की मौत और 6 घायल. 

  • जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे को भारी नुकसान. 

  • SDRF और पुलिस टीम राहत व बचाव कार्य में जुटी. 

Jammu and Kashmir / Kathua :

Kathua / जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में तबाही मचा दी। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच राजबाग इलाके के जॉड घाटी गांव में बादल फटा। इस प्राकृतिक आपदा से कई घर मलबे और बाढ़ के पानी में दब गए, जिससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे को भी नुकसान पहुंचने की सूचना मिली, जिसके चलते यातायात प्रभावित रहा। राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस व SDRF की टीम मौके पर भेजी गई और लगातार हालात को सामान्य करने की कोशिशें जारी रहीं।

अधिकारियों के अनुसार, बादल फटने के कारण गांव का संपर्क बाकी क्षेत्रों से टूट गया और स्थानीय लोगों की संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ। शुरुआती चरण में जनहानि की कोई रिपोर्ट नहीं थी, लेकिन बाद में चार लोगों की मौत और छह लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई। SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का कार्य शुरू किया। आजतक के रिपोर्टर सुदर्शन भार्गव ने ग्राउंडजीरो से रिपोर्ट दी कि कैसे लोगों के घरों में मलबा भर गया है और आसपास खड़े वाहन भी उसमें दब गए हैं।

इस घटना के अलावा कठुआ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले बगार्ड और चंगड़ा गांवों तथा लखनपुर पुलिस स्टेशन के तहत दिलवान-हुटली क्षेत्र में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ। हालांकि इन जगहों पर किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन हालात खतरनाक बने हुए हैं। भारी बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खासतौर पर उझ नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और जल स्रोतों से दूर रहने की अपील की है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कठुआ के विभिन्न हिस्सों में हुए भूस्खलनों और बादल फटने से हुई मौतों और तबाही पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही, उन्होंने प्रशासन को राहत, रेस्क्यू और निकासी कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए ताकि प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता मिल सके।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में भी इसी तरह की भीषण त्रासदी हुई थी, जिसमें करीब 65 लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रही बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं ने पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक वर्षा के कारण इस तरह की घटनाओं की संभावना और बढ़ गई है।

कुल मिलाकर, कठुआ जिले की यह घटना एक बार फिर इस सच्चाई की याद दिलाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सतर्कता और सुरक्षा उपाय कितने जरूरी हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें भी सजग रहना होगा।