भारत-फिजी संबंध: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका की मुलाकात

Tue 26-Aug-2025,11:34 AM IST +05:30

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भारत-फिजी संबंध: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका की मुलाकात स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और क्षमता निर्माण में सहयोग, सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल समझौता बना नया मील का पत्थर
  • भारत और फिजी ने स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और क्षमता निर्माण में सहयोग बढ़ाया।

  • सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल के लिए समझौता हुआ।

  • गिरमिटिया और भारतीय मूल समुदाय की भूमिका पर जोर दिया गया।

Delhi / New Delhi :

फिजी गणराज्य के प्रधानमंत्री माननीय श्री सिटिवेनी लिगाममादा राबुका ने आज (25 अगस्त, 2025) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री राबुका और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए, राष्ट्रपति ने अगस्त 2024 में फिजी की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान उनके साथ हुई मुलाकात और स्थानीय आदिवासी बुजुर्गों द्वारा किए गए भव्य पारंपरिक स्वागत को याद किया। उन्होंने जीवंत भारतीय मूल के समुदाय के सदस्यों के साथ अपनी बातचीत को भी याद किया और दोनों देशों के बीच समझ और मित्रता को गहरा करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
भारत और फिजी के बीच दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के बारे में चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि गिरमिटिया समुदाय का योगदान न केवल हमारे मजबूत संबंधों को कायम रखने में महत्वपूर्ण रहा है, बल्कि फिजी की बहुसांस्कृतिक पहचान, विविध समाज और अर्थव्यवस्था को आकार देने में भी महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी आधुनिक और बहुआयामी साझेदारी के हिस्से के रूप में, भारत को फिजी के सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदार बनने का सौभाग्य प्राप्त है, जिसमें स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण तथा जलवायु अनुकूलन जैसी फिजी की प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत प्रशांत द्वीपीय देशों (पीआईसीएस) के साथ अपने संबंधों और विकास हेतु साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें फिजी एक विशेष साझेदार बना हुआ है।
उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि फिजी में एक सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना के लिए आज एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के हमारे साझा दृष्टिकोण में एक मील का पत्थर है। राष्ट्रपति ने कहा कि क्षमता निर्माण हमेशा से भारत और फिजी के बीच संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है, जिसमें भारतीय संस्थानों में फिजी के अधिकारियों के लिए आईटीईसी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों ने भारत में वित्तीय समावेशन में क्रांति ला दी है और हमें यूपीआई भुगतान प्रणाली, 'जन धन' और आधार जैसी पहलों में अपने अनुभव फिजी के साथ साझा करने में प्रसन्‍नता होगी।
राष्ट्रपति को यह जानकर खुशी हुई कि फिजी सरकार ने भारत के साथ संबंधों को सुदृढ़ करने को प्राथमिकता दी है, जो हाल के दिनों में हमारे संबंधों में आई तीव्र प्रगति से स्पष्ट है। दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा सहयोग के नए रास्ते खोलेगी, जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ होगा।