Uttarakhand heavy rain disaster | भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, कई लोग लापता और प्रभावित

Fri 29-Aug-2025,02:47 PM IST +05:30

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Uttarakhand heavy rain disaster | भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, कई लोग लापता और प्रभावित Uttarakhand heavy rain disaster | Chamoli cloudburst news
  • उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश और भूस्खलन की भयावह स्थिति.

  • चमोली और चंबा जिले में लापता और घायल लोगों की खोज जारी.

  • प्रशासन और SDRF द्वारा राहत और बचाव कार्य सक्रिय.

Himachal Pradesh / Chamba :

Uttrakhand-Himachal / उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर लगातार जारी है। पहाड़ों की गोद में बसे गांव एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए हैं। चमोली जिले के देवाल क्षेत्र के मोपाटा गांव में बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। तेज बहाव और भारी मलबे ने घरों और रास्तों को नुकसान पहुंचाया। इस हादसे में दो ग्रामीण – तारा सिंह और उनकी पत्नी – लापता हो गए हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। इसके अलावा, एक गौशाला मलबे में दब गई है, जिसमें 15 से 20 मवेशियों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रदेश प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, दुर्गम इलाके और लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में बाधाएं आ रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर इस आपदा को लेकर चिंता व्यक्त की और जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन को तेजी से राहत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं और संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं।

अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। खासकर संगम क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। अलकनंदा नदी ने चेतावनी सीमा पार कर ली है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए हैं। रुद्रप्रयाग जिले का प्रसिद्ध हनुमान मंदिर नदी की तेज धार में डूब चुका है। केदारनाथ की ओर जाने वाले लवारा गांव के पास बने मोटरमार्ग पुल भी बह गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। छेनागाड़ और आसपास के इलाके भी गंभीर हालात में हैं। प्रशासन, SDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हैं। राहत शिविर लगाए गए हैं और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारों से दूर रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

वहीं, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भी बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कई परिवार प्रभावित हुए हैं। भारी मलबे और भूस्खलन के कारण 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 9 लोग अभी भी लापता हैं। खराब मौसम और कटे हुए रास्ते राहत कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं। बारिश और भूस्खलन से मोबाइल टावर और बिजली लाइनों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बाधित हो गया है। कई गांव जिला मुख्यालय से कट चुके हैं, और पीने के पानी की भी समस्या सामने आ रही है। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।