बुलंदशहर सड़क हादसा 2025: गोगाजी भक्तों से भरे ट्रैक्टर पर कंटेनर ट्रक की टक्कर, 8 की मौत, 43 घायल
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बुलंदशहर में गोगाजी भक्तों से भरे ट्रैक्टर हादसा।
8 श्रद्धालुओं की मौत, 43 घायल।
तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक चालक हिरासत में, जांच जारी।
Bulandshahar / उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 34 पर घटाल गांव के पास एक भयावह सड़क हादसा हुआ। कासगंज से राजस्थान के गोगामेड़ी जा रहे गोगाजी भक्तों से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली को पीछे से एक तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में ट्रैक्टर में सवार 8 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई और 43 अन्य घायल हो गए। बुलंदशहर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर में करीब 50 से 60 श्रद्धालु सवार थे, जो गोगाजी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे।
बुलंदशहर देहात एसपी डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि कासगंज जनपद के सोरो थाना क्षेत्र के रफायदपुर गांव के लगभग 60 श्रद्धालु रविवार शाम 6 बजे के करीब ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले स्थित गोगामेड़ी मंदिर की ओर निकले थे। रास्ते में घटाल गांव के पास यह हादसा घटित हुआ। ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार श्रद्धालु अचानक सड़क पर उछल गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस को सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
हादसे के बाद सरकारी एंबुलेंस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुल मिलाकर 57 घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कैलाश अस्पताल में 29, मुनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 18 और जटिया अस्पताल में 10 घायलों को भर्ती किया गया। कैलाश अस्पताल में डॉक्टरों ने दो बच्चों समेत छह लोगों को मृत घोषित किया। वहीं, मुनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने दो और लोगों को मृत घोषित किया। अन्य घायलों का इलाज चल रहा है और उन्हें आईसीयू तथा सामान्य वार्ड में रखा गया है।
हादसे के कारण ट्रैफिक काफी प्रभावित हुआ और राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारू किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि कंटेनर ट्रक की रफ्तार अधिक थी और चालक की लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद चालक को हिरासत में लिया गया है और मामला गंभीरता से जांच के दायरे में है।
स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। वहीं, घायलों को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। श्रद्धालु संगठन और स्थानीय प्रशासन ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
इस दुर्घटना ने सड़क सुरक्षा और बड़े वाहनों की गति पर नियंत्रण की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है। श्रद्धालुओं की यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय करने की बात कही है। हादसा बेहद दर्दनाक है और इसने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
कुल मिलाकर, बुलंदशहर हादसा एक गंभीर चेतावनी है कि तेज रफ्तार वाहन और असुरक्षित परिवहन किस तरह जानलेवा साबित हो सकते हैं। पुलिस और प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य में तेजी दिखाई है, जबकि घायलों का इलाज जारी है और मृतकों के परिजनों को न्याय और सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।