जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बादल फटने से मची तबाही, कई मकान तबाह
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

डोडा जिले के थाथरी उप-मंडल में बादल फटने से 10 से ज्यादा मकान तबाह.
प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू किया.
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे भूस्खलन के कारण बंद, नदियां उफान पर.
Doda / जम्मू-कश्मीर का डोडा जिला इन दिनों भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। जिले के थाथरी उप-मंडल में बादल फटने की घटना ने क्षेत्र में तबाही का ऐसा मंजर खड़ा कर दिया है, जिसने लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में 10 से ज्यादा मकान पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि कई घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
इलाके में सैलाब और तबाही का नजारा
बादल फटने के तुरंत बाद इलाके में तेज पानी का बहाव देखने को मिला। गांव की गलियों और बाजारों तक पानी घुस गया, जिससे लोगों के घरों के साथ-साथ उनकी दुकानें और जीवनभर की कमाई भी प्रकृति के प्रकोप की भेंट चढ़ गई। कई घर पानी में बह गए, जबकि कुछ मकानों की दीवारें और छतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रभावित परिवार अपने घरों से कीमती सामान निकालकर सुरक्षित जगहों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं।
स्थानीय लोगों द्वारा साझा किए गए वीडियो में तेज बहाव के साथ पेड़, पत्थर और घरों का मलबा बहते हुए साफ दिखाई दे रहा है। नदियों में जलस्तर अचानक बढ़ जाने से स्थिति और भी भयावह हो गई है। प्रशासन ने एहतियातन कई सड़कों को बंद कर दिया है ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
प्रशासन की सक्रियता और अलर्ट
घटना के बाद प्रशासन और बचाव दल तुरंत सक्रिय हो गए। प्रभावित इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने आपातकालीन टीमें तैनात कर दी हैं और राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मौसम विभाग ने शाम तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे राहत कार्य में भी बाधाएं आने की आशंका है।
रामबन इलाके में भारी भूस्खलन की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को एहतियातन बंद कर दिया गया है। इस कारण से जम्मू और श्रीनगर के बीच यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। वहीं, जम्मू क्षेत्र में तवी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है और नदी किनारे के कई रिहायशी इलाके जलमग्न हो चुके हैं। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन इलाकों को खाली करा लिया है।
उत्तराखंड की घटना से तुलना
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही उत्तराखंड के धराली गांव में भी बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई थी। उस हादसे में पांच से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग अब भी लापता हैं। तबाही के वीडियो ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जम्मू-कश्मीर की ताजा घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पहाड़ी इलाकों में बादल फटना और भूस्खलन जैसी घटनाएँ कितनी भयावह और जानलेवा साबित हो सकती हैं।
नतीजा
डोडा जिले में आई इस आपदा ने एक बार फिर प्राकृतिक घटनाओं के प्रति हमारी तैयारी और जागरूकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। हालांकि, जिन परिवारों के घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, उनके लिए यह दर्दनाक हादसा जीवनभर की कमाई और सपनों को खोने जैसा है।