लखनऊ गुडंबा में पटाखा फैक्ट्री धमाका: 3 की मौत, कई गंभीर घायल, रेस्क्यू जारी

Sun 31-Aug-2025,02:44 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

लखनऊ गुडंबा में पटाखा फैक्ट्री धमाका: 3 की मौत, कई गंभीर घायल, रेस्क्यू जारी Gudamba fire accident Lucknow
  • लखनऊ गुडंबा में पटाखा फैक्ट्री धमाका, 3 की मौत. 

  • कई गंभीर घायल, फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू जारी.

  • सीएम योगी ने दिए राहत और बचाव के निर्देश. 

Uttar Pradesh / Lucknow :

Gudamba उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र में रविवार को एक भीषण हादसा हुआ। इलाके में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें अब तक तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। हादसे में छह से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इनमें से तीन की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

धमाके की सूचना मिलते ही मौके पर पांच दमकल गाड़ियाँ और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया। रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए फायर ब्रिगेड लगातार प्रयास कर रहा है। धमाके के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।

जानकारी के अनुसार, यह फैक्ट्री आलम नामक व्यक्ति के मकान में अवैध रूप से चलाई जा रही थी। बताया जा रहा है कि धमाके में आलम, उसकी पत्नी और बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के चलते आसपास की कई इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों के उचित इलाज और हर संभव मदद के आदेश भी दिए।

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर केंद्रित है। राहत कार्य पूरा होने के बाद यह जांच की जाएगी कि घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब भी कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं। बचाव दल तेजी से उन्हें निकालने की कोशिश कर रहा है।

यह हादसा न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि अवैध फैक्ट्रियों के खतरनाक परिणामों की ओर भी इशारा करता है।