दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला: आरोपी राजेश खिमजी का सहयोगी गिरफ्तार, सुरक्षा कड़ी
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दिल्ली पुलिस ने आरोपी राजेश खिमजी के सहयोगी को राजकोट से हिरासत में लिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जेड श्रेणी सुरक्षा प्रदान की गई।
दिल्ली में जनसुनवाई अब सभी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित की जाएगी।
Delhi / दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी राजेश खिमजी के एक दोस्त को राजकोट से हिरासत में लिया। आरोप है कि आरोपी के दोस्त ने राजेश को पैसे भेजे थे। पुलिस फिलहाल उन दस लोगों की तलाश कर रही है, जो कॉल और मैसेज के माध्यम से आरोपी के संपर्क में थे। एक संदिग्ध को शुक्रवार शाम तक दिल्ली लाया जाएगा। साथ ही, दिल्ली पुलिस की टीम राजकोट में पांच अन्य लोगों के बयान दर्ज कर रही है, जिनका डेटा आरोपी के मोबाइल फोन से मिला था।
दरअसल, यह हमला बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की जनसुनवाई के दौरान हुआ। राजकोट निवासी राजेश खिमजी उनके सिविल लाइंस स्थित आवास पर पहुंचा और हमला किया। आरोपी को पुलिस ने पांच दिन की हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच लगातार जारी है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी के एक दोस्त को हिरासत में लेने के पीछे मुख्य कारण यह था कि उसने कथित तौर पर राजेश को पैसे ट्रांसफर किए थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हमले के बाद अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि वह दिल्ली के हितों के लिए लड़ना जारी रखेंगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि महिलाओं में विपरीत परिस्थितियों से उबरने की दोगुनी ताकत होती है और उन्हें खुद को साबित करने के लिए कई परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब जनसुनवाई उनके आवास पर ही नहीं, बल्कि दिल्ली के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित की जाएगी।
जांच में दिल्ली पुलिस राजकोट पुलिस के साथ समन्वय कर रही है। इसके अलावा, खुफिया ब्यूरो (आईबी) समेत केंद्रीय एजेंसियां भी मामले में शामिल हो गई हैं। हमले के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई। गुरुवार सुबह सीआरपीएफ के जवान मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और दिल्ली पुलिस से सुरक्षा जिम्मेदारी संभाली। मुख्यमंत्री आवास और कार्यालय के आसपास 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
अभियुक्तों और उनके सहयोगियों की पहचान तथा गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस ने दस संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है, जो कॉल और चैट के जरिए आरोपी से जुड़े थे। राजकोट में पांच अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिनका डेटा आरोपी के मोबाइल से प्राप्त किया गया है। पुलिस ने मामले की हर पहलू से जांच तेज कर दी है और जल्द ही सभी आरोपियों को न्याय के दायरे में लाने का प्रयास कर रही है।
इस मामले ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनता की सेवा और जनसुनवाई के प्रति कितनी प्रतिबद्ध हैं।