नौसेना प्रमुख का म्यांमार दौरा: समुद्री सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग को मिलेगी मजबूती

Sat 02-May-2026,04:24 PM IST +05:30

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नौसेना प्रमुख का म्यांमार दौरा: समुद्री सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग को मिलेगी मजबूती Indian-Navy-Chief-Myanmar-Visit-2026
  • भारतीय नौसेना प्रमुख का म्यांमार दौरा, समुद्री सुरक्षा, संयुक्त अभ्यास और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने पर केंद्रित रहेगा।

  • उच्च स्तरीय बैठकों में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और ऑपरेशनल संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

  • IMNEX, IMCOR और अंतरराष्ट्रीय नौसेना कार्यक्रमों में भागीदारी से भारत-म्यांमार के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।

Naypyidaw Union Territory / Nay Pyi Taw :

Myanmar/ नौसेना प्रमुख अपने दौरे के दौरान म्यांमार सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ General Min Aung Hlaing, रक्षा मंत्री General Mya Tun Oo और म्यांमार नौसेना के प्रमुख Admiral Htein Win सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।

इन बैठकों में दोनों देशों के बीच मौजूदा समुद्री सहयोग की समीक्षा की जाएगी और नए सहयोग के अवसरों पर चर्चा होगी। विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यासों को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इस यात्रा के दौरान नौसेना प्रमुख म्यांमार के केंद्रीय नौसेना कमान, प्रशिक्षण कमान और प्रथम बेड़े का दौरा भी करेंगे। इसके अलावा वे म्यांमार सशस्त्र बलों के शहीद नायकों के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जो दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और विश्वास को दर्शाता है।

भारत और म्यांमार की नौसेनाएं लंबे समय से विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सहयोग करती रही हैं। इनमें भारत-म्यांमार नौसेना अभ्यास (IMNEX), समन्वित गश्त (IMCOR), बंदरगाह यात्राएं और जल सर्वेक्षण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके साथ ही दोनों देश प्रशिक्षण आदान-प्रदान और बहुपक्षीय मंचों पर भी सक्रिय भागीदारी करते हैं।

म्यांमार ने भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों जैसे Indian Ocean Naval Symposium, MILAN Naval Exercise और अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा में भी भाग लिया है, जो द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के साथ-साथ भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को भी बल देगी। नौसेना प्रमुख का यह दौरा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।