INS सुनयना जकार्ता पहुंचा, IOS सागर से इंडो-पैसिफिक सहयोग मजबूत

Tue 21-Apr-2026,06:23 PM IST +05:30

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INS सुनयना जकार्ता पहुंचा, IOS सागर से इंडो-पैसिफिक सहयोग मजबूत INS-Sunayna-Jakarta-IOS-Sagar-Mission
  • INS सुनयना का जकार्ता पहुंचना भारत की ‘आईओएस सागर’ पहल के तहत समुद्री सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करता है।

  • 16 देशों के बहुराष्ट्रीय दल के साथ यह मिशन अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा, इंटरऑपरेबिलिटी और संयुक्त संचालन क्षमता को बढ़ाने का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

  • भारत-इंडोनेशिया नौसेना के बीच संयुक्त अभ्यास, योग सत्र और पेशेवर आदान-प्रदान से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।

Delhi / New Delhi :

New Delhi/ भारतीय नौसेना की रणनीतिक समुद्री पहल ‘आईओएस सागर’ के तहत तैनात ऑफशोर पेट्रोलिंग पोत आईएनएस सुनयना 21 अप्रैल 2026 को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचा। यह इस मिशन के दौरान उसका तीसरा अंतरराष्ट्रीय पड़ाव है। इस यात्रा का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग, सुरक्षा और साझेदारी को मजबूत करना है। जहाज की यह तैनाती भारत की क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता और इंडो-पैसिफिक में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

आईएनएस सुनयना में 16 मित्र देशों के बहुराष्ट्रीय दल सवार हैं, जो इस मिशन को और अधिक समावेशी और सहयोगात्मक बनाता है। जकार्ता पहुंचने से पहले जहाज ने मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य जैसे व्यस्त समुद्री मार्गों को सफलतापूर्वक पार किया, जो नौवहन दक्षता और अंतरसंचालनीयता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

‘आईओएस सागर’ भारत के ‘महासागर’ (क्षेत्रीय क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) विजन का व्यावहारिक रूप है। यह पहल “साझेदारी के माध्यम से नेतृत्व, एकता के माध्यम से शक्ति और शांति के माध्यम से प्रगति” के सिद्धांतों को साकार करती है। इस मिशन का बंदरगाह चरण 16 से 29 मार्च 2026 के बीच भारत में पूरा किया गया था, जबकि अब इसका समुद्री चरण अप्रैल से मई 2026 तक जारी है।

जकार्ता में ठहराव के दौरान भारतीय नौसेना और इंडोनेशियाई नौसेना (TNI AL) के बीच कई पेशेवर, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें संयुक्त योग सत्र, खेल प्रतियोगिताएं, पेशेवर आदान-प्रदान और जहाज का निरीक्षण शामिल है। इसके अलावा, जहाज पर एक विशेष स्वागत समारोह भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

आईएनएस सुनयना के कमांडिंग ऑफिसर ने इंडोनेशियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर समुद्री सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस यात्रा के अंत में दोनों नौसेनाओं के बीच ‘पैसेज एक्सरसाइज’ (PASSEX) आयोजित की जाएगी, जिससे संयुक्त संचालन की क्षमता और तालमेल को बढ़ावा मिलेगा।

यह पहल भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ‘स्वतंत्र, खुला और समावेशी’ दृष्टिकोण को मजबूती देती है। आईओएस सागर मिशन न केवल समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी विश्वास को भी बढ़ावा दे रहा है।