पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर IAF ने दिन-रात आपातकालीन लैंडिंग सुविधा सक्रिय की
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भारतीय वायु सेना ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दिन-रात आपातकालीन लैंडिंग सुविधा सक्रिय कर अपनी त्वरित संचालन क्षमता और रक्षा तैयारियों का प्रदर्शन किया।
अभ्यास में सुखोई-30, मिराज-2000, जगुआर सहित कई विमान और हेलीकॉप्टर शामिल रहे, जिससे बिना रनवे के संचालन की क्षमता दिखाई गई।
यूपीईआईडीए और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस अभियान ने आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रणनीतिक मजबूती को बढ़ाया।
Sultanpur/ Indian Air Force ने 22 अप्रैल 2026 को Purvanchal Expressway पर अपनी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ELF) को दिन और रात दोनों समय सक्रिय कर देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। Sultanpur जिले में आयोजित इस अभ्यास के दौरान वायु सेना ने अपनी त्वरित संचालन क्षमता और समन्वय का प्रभावी प्रदर्शन किया।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री Om Prakash Rajbhar, वरिष्ठ वायु सेना अधिकारी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। अभ्यास के दौरान विभिन्न प्रकार के लड़ाकू और परिवहन विमानों ने एक्सप्रेसवे पर सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ किया, जिसमें जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, सी-295 और एएन-32 जैसे विमान शामिल थे। इसके अलावा एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर और गरुड़ कमांडो टीम ने भी संचालन में भाग लिया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि आपातकालीन परिस्थितियों में जब पारंपरिक रनवे उपलब्ध नहीं होते, तब भी वायु सेना किस प्रकार वैकल्पिक हवाई पट्टियों का उपयोग कर सकती है। दिन और रात दोनों समय संचालन कर भारतीय वायु सेना ने अपनी तैयारियों और दक्षता का परिचय दिया।
यह अभ्यास Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संपन्न हुआ। सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के चलते कम समय में इस सुविधा को सक्रिय किया गया, जो आपात स्थितियों में तेज प्रतिक्रिया देने की क्षमता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों पर विकसित इस तरह की हवाई पट्टियां देश की रणनीतिक मजबूती को बढ़ाती हैं। ये न केवल रक्षा अभियानों में सहायक होती हैं, बल्कि आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अभ्यास ने भारतीय वायु सेना की उच्च स्तर की तैयारी, तकनीकी दक्षता और समन्वय क्षमता को प्रदर्शित किया है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार आधुनिक और मजबूत बना रहा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूती मिल रही है।