भारत-केन्या व्यापार 4.31 अरब डॉलर, सहयोग बढ़ाने पर जोर

Wed 29-Apr-2026,04:03 PM IST +05:30

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भारत-केन्या व्यापार 4.31 अरब डॉलर, सहयोग बढ़ाने पर जोर India-Kenya-Trade-Meeting-2026-JTC-Growth
  • नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल भुगतान, फार्मास्यूटिकल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा, भविष्य की साझेदारी मजबूत करने पर सहमति।

  • भारत-केन्या व्यापार 2025-26 में 4.31 अरब डॉलर पहुंचा, 24.91% वृद्धि, दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

  • व्यापार सुगमता के लिए BIS-KEBS और CBIC-KRA के बीच समझौते, सीमा शुल्क प्रक्रिया सरल बनाने की दिशा में कदम।

Delhi / Delhi :

Delhi/ बैठक की सह-अध्यक्षता Rajesh Agrawal और Regina Akoth Ombam ने की। इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार में लगातार वृद्धि पर संतोष जताया। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत-केन्या के बीच व्यापार 4.31 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के 3.45 अरब डॉलर की तुलना में करीब 24.91 प्रतिशत अधिक है।

चर्चा का मुख्य फोकस व्यापार विविधीकरण, बाजार पहुंच से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर रहा।

व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौते भी किए गए। Bureau of Indian Standards (BIS) और Kenya Bureau of Standards (KEBS) के बीच मानकीकरण सहयोग हेतु एमओयू की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) और Kenya Revenue Authority (KRA) के बीच सीमा शुल्क सूचना साझा करने को लेकर समझौता हुआ, जिससे व्यापार प्रक्रिया और सरल होगी।

निवेश और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने के लिए Confederation of Indian Industry (CII) और भारत-केन्या चैंबर ऑफ कॉमर्स के बीच भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

दोनों देशों ने स्थानीय मुद्रा में व्यापार निपटान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। केन्याई बैंकों द्वारा भारतीय बैंकों के साथ विशेष रुपी वोस्त्रो खाते (SRVA) खोलने को सकारात्मक कदम माना गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी अहम चर्चा हुई। भारत ने केन्या की रेलवे परियोजनाओं में तकनीकी सहायता देने की पेशकश की। साथ ही ऑटोमोबाइल, मशीनरी और निर्माण उपकरणों के निर्यात को बढ़ाने के अवसरों पर जोर दिया गया।

फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में भारत ने सस्ती जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति में अपनी भूमिका को रेखांकित किया और बिजनेस-टू-बिजनेस सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। कृषि क्षेत्र में स्वच्छता और पादप स्वच्छता बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति बनी।

नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशी गईं। भारत ने सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में सहयोग का प्रस्ताव दिया, जबकि डिजिटल भुगतान प्रणालियों जैसे UPI को अपनाने पर भी चर्चा हुई।

दोनों देशों ने भविष्य में संतुलित और मजबूत आर्थिक साझेदारी के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और व्यापार से जुड़े लंबित मुद्दों को जल्द सुलझाने पर सहमति जताई।