लेह पहुंचे बुद्ध के पवित्र अवशेष, लद्दाख में भव्य आध्यात्मिक आयोजन शुरू

Wed 29-Apr-2026,06:35 PM IST +05:30

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लेह पहुंचे बुद्ध के पवित्र अवशेष, लद्दाख में भव्य आध्यात्मिक आयोजन शुरू Piprahwa-Buddha-Relics-Leh-Ladakh-Spiritual-Event
  • पिपरावा के पवित्र अवशेष लेह पहुंचे, 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा पर लद्दाख में ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन की शुरुआत हुई।

  • 2 से 10 मई तक जीवत्सल में सार्वजनिक दर्शन, हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में दर्शन के लिए उमड़े।

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित हो चुके अवशेष पहली बार भारत में प्रदर्शित, वैश्विक बौद्ध विरासत को मिला नया आयाम।

Ladakh / Leh :

Leh/ केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में आज गहन आध्यात्मिक उत्साह और श्रद्धा के बीच पिपरावा अवशेष का ऐतिहासिक आगमन हुआ। भगवान बुद्ध से जुड़े इन पवित्र अवशेषों के स्वागत ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में डुबो दिया। यह आयोजन 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसने इसे और भी विशेष बना दिया।

दिल्ली से विशेष वायु सेना विमान द्वारा लाए गए इन पवित्र अवशेषों का भव्य स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस अवसर पर विनय कुमार सक्सेना सहित कई प्रमुख धार्मिक और सामाजिक हस्तियां उपस्थित रहीं। स्वागत समारोह में पारंपरिक नृत्य, भिक्षुओं की विशेष प्रार्थनाएं और लद्दाख पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

अवशेषों को लेह से जीवत्सल तक भव्य जुलूस के रूप में ले जाया गया, जहां 1 मई से आम जनता के लिए दर्शन की व्यवस्था की गई है। हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सड़कों के किनारे खड़े होकर इन पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए उमड़े। स्कूल के बच्चों और तिब्बती समुदाय ने भी फूलों और शुभकामनाओं के साथ इस ऐतिहासिक अवसर का स्वागत किया।

उपराज्यपाल सक्सेना ने इसे अत्यंत शुभ अवसर बताते हुए कहा कि इन अवशेषों के आगमन से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है। उन्होंने इस आयोजन के लिए नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

यह पहली बार है जब इन पवित्र अवशेषों को उनके मूल संरक्षण स्थल से निकालकर भारत में प्रदर्शित किया जा रहा है। इससे पहले इन्हें थाईलैंड, मंगोलिया, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, भूटान, श्रीलंका और म्यांमार जैसे देशों में प्रदर्शित किया जा चुका है, जहां इन्हें वैश्विक श्रद्धा और सम्मान मिला।

लद्दाख में ये अवशेष 2 से 10 मई तक जीवत्सल में, 11-12 मई को ज़ांस्कर और 13-14 मई को लेह के धर्म केंद्र में दर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे। 15 मई को इन्हें पुनः दिल्ली ले जाया जाएगा। इस दौरान अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और बौद्ध संगठनों के प्रतिनिधि भी श्रद्धा अर्पित करेंगे।

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए शहरभर में स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और सजावट जैसे कार्य किए गए हैं, जिससे आगंतुकों को एक शांत, सुंदर और आध्यात्मिक अनुभव मिल सके। यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और वैश्विक बौद्ध विरासत का भी संदेश देता है।