विश्वजीत सहाय बने रक्षा वित्त सचिव, वित्तीय प्रबंधन को मिलेगी मजबूती
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विश्वजीत सहाय ने रक्षा मंत्रालय में सचिव (रक्षा वित्त) का पदभार संभाला, 30 वर्षों से अधिक का प्रशासनिक और वित्तीय अनुभव उनके पास है।
पूर्व CGDA रह चुके सहाय ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भारी उद्योग और सूचना प्रसारण मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
उनकी नियुक्ति से रक्षा वित्त प्रबंधन, बजट नियंत्रण और रणनीतिक निर्णय क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Delhi/ श्री विश्वजीत सहाय इससे पहले रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA) के रूप में कार्यरत थे और उन्होंने रक्षा वित्त प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई है। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और विभागों में जिम्मेदारियां निभाई हैं, जिससे उन्हें नीति निर्माण और वित्तीय नियंत्रण का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है।
उन्होंने Department of Science and Technology में अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य किया, वहीं Ministry of Heavy Industries में संयुक्त सचिव के पद पर भी अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय में अधिग्रहण शाखा में वित्त प्रबंधक और Ministry of Information and Broadcasting में निदेशक के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
रक्षा लेखा विभाग में उनका अनुभव भी व्यापक रहा है, जहां उन्होंने प्रयागराज में प्रधान रक्षा लेखा नियंत्रक (पेंशन) सहित कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। उनके नेतृत्व में कई वित्तीय सुधार और प्रशासनिक पहलें सफलतापूर्वक लागू की गईं।
श्री सहाय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने University of Cambridge और George C Marshall European Center for Security Studies जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से रक्षा मंत्रालय के वित्तीय प्रबंधन, बजट नियंत्रण और संसाधनों के बेहतर उपयोग में सुधार होगा। साथ ही, रणनीतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी मजबूती आएगी।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत अपने रक्षा क्षेत्र को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में अनुभवी अधिकारी के रूप में श्री सहाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।