त्वरित, सरल, सस्ता और प्रभावी समाधान प्रदान करती हैं स्थायी लोक अदालतें- आस्था मिश्रा
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Kaushambi Awareness Camp
चायल तहसील में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन.
स्थायी लोक अदालत की सेवाओं पर दी गई जानकारी.
निःशुल्क विधिक सहायता के लिए लोगों को जागरूक किया गया.
Kaushambi / आज दिनांक 18 मार्च 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी के तत्वावधान में तहसील चायल के सभागार में स्थायी लोक अदालत विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। डॉ. नरेन्द्र दिवाकर ने शिविर को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। स्थायी लोकअदालत के सदस्य श्री सिकंदर ने स्थायी लोक अदालत में शामिल किए जाने वाले सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
तहसीलदार चायल श्री पुष्पेन्द्र गौतम ने तहसील विधिक सहायता क्लीनिक चायल में प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि शीघ्र ही क्लीनिक में पीएलवी पुनः नियमित से रूप से बैठेंगे जिससे पीड़ितों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
तहसील चायल के पैनल अधिवक्ता श्री सगीर अहमद एडवोकेट ने कहा कि तहसील स्तर पर किसी भी विधिक सहायता और मुकदमों की निःशुल्क पैरवी के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी श्रीमती आस्था मिश्रा ने कहा कि स्थायी लोक अदालत एक निरंतर चलने वाला निकाय है, जो सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं यथा बिजली, पानी, डाक, परिवहन, टेलिफोन बिल, गृह कर आदि से जुड़े मामलों का त्वरित, सरल, सस्ता और प्रभावी समाधान के लिए गठित किया गया। इसके अंतर्गत आम जन की शिकायतें बिना अनावश्यक देरी के मुकदमेबाजी के पूर्व सुलह-समझौता के आधार पर निष्पक्ष एवं संतोषजनक तरीके से निस्तारित की जाती हैं। स्थायी लोक अदालत मामलों का निपटारा दोनों पक्षों के मध्य सुलह समझौता के आधार पर करती हैं। समझौता न होने पर भी स्थायी लोक अदालत स्वयं अवार्ड देकर मामले का निपटारा करती है।
ये अदालतें सुलह के साथ-साथ गुण-दोष के आधार पर एक करोड़ रुपये तक के मामलों पर अंतिम फैसला सुनाती हैं। सार्वजनिक उपयोगिता वाली सेवाओं से जुड़े मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से सुलह समझौता के द्वारा निपटारा कराया जा सकता है।
उपजिलाधिकारी चायल श्री अरुण कुमार ने कहा कि आप इस तरह के मामलों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी के कार्यालय में अपनी बात रख सकते हैं या फिर इस तरह की किसी भी निःशुल्क विधिक सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वाराप्रत्येक तहसीलों में नियुक्त पराविधिक स्वयंसेवकों/पीएलवी से मिलकर भी मदद ले सकते हैं। पीड़ित स्थायी लोक अदालत में जाने से पहले ही पीएलवी के माध्यम से हमसे संपर्क कर मामले का निस्तारण करवा सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेन्द्र दिवाकर और धन्यवाद ज्ञापन उपजिलाधिकारी चायल ने किया। इस अवसर पर पीएलवी ममता दिवाकर, अमरदीप दिवाकर सहित बड़ी संख्या में वादकारी, अधिवक्ता और आम जन उपस्थित रहे।
डॉ. नरेन्द्र दिवाकर
मो. 9839675023
पीएलवी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी