IND सुदर्शिनी ने सेते उत्सव में लहराया परचम, भारत-फ्रांस संबंध मजबूत
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आईएनएस सुदर्शिनी ने फ्रांस के सेते उत्सव में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय नौसेना की क्षमता और समुद्री परंपरा का शानदार प्रदर्शन किया।
हेरिटेज सिटी परेड में भारतीय नौसेना की टुकड़ी ने अनुशासन और एकता का प्रदर्शन किया, जबकि रोइंग टीम ने कांस्य पदक जीतकर उपलब्धि हासिल की।
Delhi/ भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी 7 अप्रैल 2026 को फ्रांस के सेते बंदरगाह से रवाना हुआ। यह प्रस्थान प्रतिष्ठित ‘एस्केल ए सेते’ उत्सव में उसकी सफल भागीदारी का प्रतीक है। यह द्विवार्षिक समुद्री महोत्सव भूमध्य सागर के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जाता है, जिसमें दुनिया भर के जहाज और नौसेनाएं भाग लेती हैं।
इस आयोजन के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय जहाजों के साथ कई समुद्री गतिविधियों में हिस्सा लिया। जहाज के चालक दल ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, कार्यशालाओं और खेल प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिससे भारत की समुद्री परंपरा और कौशल का प्रदर्शन हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण हेरिटेज सिटी परेड रही, जिसमें भारतीय नौसेना की टुकड़ी ने हिस्सा लिया। फ्रांसीसी नौसेना की 400वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस परेड में भारतीय दल ने अनुशासन और एकता का शानदार प्रदर्शन किया। सेते की सड़कों पर तिरंगा लहराते हुए इस प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
आईएनएस सुदर्शिनी की रोइंग टीम ने ‘ज्यूक्स मैरीटाइम्स’ प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर एक और उपलब्धि हासिल की। इस उपलब्धि ने भारतीय नौसेना के कौशल और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया।
बंदरगाह पर ठहराव के दौरान जहाज को आम जनता के लिए खोला गया, जहां हजारों आगंतुकों ने इसका दौरा किया और इसकी क्षमताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक और समुद्री संबंधों की झलक भी देखने को मिली।
फ्रांस में भारत के राजदूत संजीव सिंगला ने जहाज पर आयोजित स्वागत समारोह में दोनों देशों के मजबूत संबंधों और सहयोग पर जोर दिया। रवानगी के बाद आईएनएस सुदर्शिनी अब कैसाब्लांका की ओर बढ़ रहा है, जहां वह ‘लोकायन 26’ मिशन के तहत अपने समुद्री सहयोग और वैश्विक संपर्क को आगे बढ़ाएगा।