संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती पर WORDD द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

Sun 22-Feb-2026,12:52 PM IST +05:30

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संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती पर WORDD द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित Sant Gadge Maharaj: Prayagraj Seminar
  • संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी.

  • स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर जोर.

  • पुस्तक और कैलेंडर का लोकार्पण.

Uttar Pradesh / Prayagraj (Allahabad) :

Prayagraj / प्रयागराज, 22 फरवरी. संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती के अवसर पर “संत गाडगे का व्यक्तित्व, कृतित्व, दर्शन एवं सामाजिक आंदोलन” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन फॉर रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ऑफ धोबिस (WORDD) द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता CISF के सेवानिवृत्त सीनियर कमांडेंट एम. के. वर्मा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के सर्जरी विभाग के प्रो. राजकुमार चौधरी उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. राममिलन चौधरी ने सहभागिता की। कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथि द्वारा संत गाडगे महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिसके बाद संगोष्ठी का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

मुख्य अतिथि प्रो. राजकुमार चौधरी ने अपने संबोधन में संत गाडगे महाराज के जीवन और उनके सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत गाडगे महाराज का जीवन समाज सेवा, समानता और जनकल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को अपने आंदोलन का आधार बनाया और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। अध्यक्षता कर रहे एम. के. वर्मा ने कहा कि संत गाडगे महाराज का व्यक्तित्व और दर्शन आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है और उनके विचारों को अपनाकर सामाजिक समरसता और जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सकता है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. राममिलन चौधरी ने कहा कि संत गाडगे महाराज ने अपने जीवन के माध्यम से स्वच्छता और शिक्षा का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि हम उनके बताए मार्ग पर चलकर स्वच्छता और शिक्षा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, तभी उनकी जयंती मनाना सार्थक होगा। इस अवसर पर “The Hanging Noose” पुस्तक के अनुवादकों डॉ. चंदूरी कामेश्वरी एवं सुश्री पद्मा अजय भार्गव की पुस्तक का विमोचन किया गया, साथ ही “राजक चेतना कैलेंडर 2026” का भी लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में राकेश दिवाकर (ग्रामीण भारत टीवी), ममता दिवाकर, डॉ. नरेंद्र दिवाकर, सुधीर कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संदीप दिवाकर ने किया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने संत गाडगे महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।