राष्ट्रपति मुर्मु ने अक्षय पात्र के 5 बिलियन भोजन उपलब्धि को सराहा
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अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा पांच बिलियन भोजन वितरण, मिड-डे मील योजना और शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिल रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पोषण, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता को बच्चों के सर्वांगीण विकास और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला बताया।
New Delhi/ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार (17 मार्च 2026) को राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लिया, जो अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा पांच बिलियन भोजन वितरण की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कुपोषण उन्मूलन, शिक्षा सुदृढ़ीकरण और विकसित भारत के निर्माण में पोषण और शिक्षा की भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम की थीम ‘सुपोषित और शिक्षित भारत से विकसित भारत की ओर’ थी, जो वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप समाज के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत संदेश देती है। राष्ट्रपति ने कहा कि पांच बिलियन भोजन परोसना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि बच्चों का सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है। जब शिक्षक, अभिभावक, सामाजिक संस्थाएं और कॉर्पोरेट क्षेत्र मिलकर काम करते हैं, तभी बच्चों के विकास की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।
राष्ट्रपति ने शिक्षा को जीवन में अवसरों का निर्धारक बताते हुए कहा कि यह सशक्तिकरण और परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है। स्कूल बच्चों को न केवल ज्ञान देते हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए आवश्यक कौशल भी प्रदान करते हैं।
उन्होंने अक्षय पात्र फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पिछले 25 वर्षों से मध्याह्न भोजन योजना के माध्यम से बच्चों को पोषण प्रदान कर रही है और उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित कर रही है। इस प्रयास से कुपोषण में कमी आई है और बच्चों की स्कूल उपस्थिति एवं सीखने की क्षमता में सुधार हुआ है।
राष्ट्रपति ने बताया कि केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री पोषण योजना’ के तहत संचालित मिड-डे मील कार्यक्रम ने अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित किया है। कई अध्ययनों में यह साबित हुआ है कि इस योजना से नामांकन, उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के तहत वर्ष 2030 तक सभी बच्चों के लिए समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अक्षय पात्र फाउंडेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे केवल मुफ्त भोजन के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं। आज उन्हें दिया जा रहा पोषण देश की मानव पूंजी में निवेश है, जो आने वाले समय में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सहायक होगा।