ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत को राहत, सुरक्षित लौटा एलपीजी जहाज
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
India-Shipping-Safe-Iran-Israel-Tensions
ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ की सुरक्षित वापसी से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई और सरकार की तैयारी मजबूत दिखी।
‘जग लाडकी’ टैंकर के मुंद्रा पोर्ट पहुंचने और 22 जहाजों की निगरानी से समुद्री सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन पर सरकार की पकड़ मजबूत बनी।
नई दिल्ली/ मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। संवेदनशील समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अस्थिरता के बावजूद भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जारी है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर संभावित संकट काफी हद तक टल गया है।
केंद्र सरकार के बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, भारतीय पोत ‘शिवालिक’ एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) लेकर सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुका है। यह जहाज अत्यंत संवेदनशील समुद्री मार्ग से होकर गुजरा और बिना किसी बाधा के अपनी यात्रा पूरी की। मौजूदा हालात में इसकी सुरक्षित वापसी भारत की समुद्री सुरक्षा और संचालन क्षमता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
इसी बीच, संयुक्त अरब अमीरात से कच्चा तेल लेकर आ रहा भारतीय टैंकर ‘जग लाडकी’ भी अपने मार्ग पर सुरक्षित है और इसके कल मुंद्रा पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है। मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में भारत के करीब 22 मालवाहक जहाज मौजूद हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी है। ईरान में फंसे 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इन नागरिकों को सड़क मार्ग से आर्मेनिया के रास्ते निकाला गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मिशन में सहयोग के लिए आर्मेनिया सरकार का आभार व्यक्त किया। सरकार ने अब भी ईरान में मौजूद भारतीयों को सुरक्षित मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है।
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को सुचारु बनाए रखने के लिए जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) ने बड़ा कदम उठाया है। पोर्ट प्रशासन ने 15 दिनों तक स्टोरेज शुल्क में 100% छूट देने की घोषणा की है, जिससे कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों पर असर कम होगा।
इसके अलावा, पिछले 25 घंटों में 33 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वतन वापसी भी सुनिश्चित की गई है। इन सभी कदमों से यह स्पष्ट होता है कि भारत सरकार ने समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर त्वरित और प्रभावी रणनीति अपनाई है।
‘शिवालिक’ की सुरक्षित वापसी और ‘जग लाडकी’ के आगमन से जहां देश को बड़ी राहत मिली है, वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन और पोर्ट फैसलों ने संकट प्रबंधन की भारत की क्षमता को भी साबित किया है।