अंतर्राष्ट्रीय सूर्य दिवस 2026: ‘रन फॉर सन’ से सौर ऊर्जा मिशन को नई गति, भारत बना स्वच्छ ऊर्जा में वैश्विक लीडर
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International Sun Day India
‘रन फॉर सन’ से सौर ऊर्जा को बढ़ावा.
भारत की सौर क्षमता 150 गीगावाट पहुंची.
पीएम सूर्य घर योजना से लाखों घर लाभान्वित.
Delhi / 3 मई 2026 को मनाए गए अंतर्राष्ट्रीय सूर्य दिवस के मौके पर भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी तेज़ रफ्तार और मजबूत इरादों को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस अवसर पर ‘रन फॉर सन’ मैराथन का आयोजन किया, जो सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं बल्कि सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता और प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा।
नई दिल्ली के मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित इस मैराथन में 2 किमी और 5 किमी की दौड़ रखी गई, जिसमें हर उम्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह भागीदारी साफ दिखाती है कि अब आम नागरिक भी स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझने लगे हैं।
इस मौके पर भारत की सौर ऊर्जा यात्रा की उपलब्धियों को भी खास तौर पर रेखांकित किया गया। देश ने 1,50,000 मेगावाट (150 गीगावाट) से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता हासिल कर ली है, जो 2014 में मात्र 2.82 गीगावाट थी। यानी महज़ 12 वर्षों में 50 गुना से अधिक की वृद्धि—यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। खास बात यह भी है कि हाल के 50 गीगावाट की क्षमता केवल 15 महीनों में जोड़ी गई, जो इस क्षेत्र में भारत की तेज़ प्रगति को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना ने इस बदलाव को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। इस योजना के तहत अब तक 30 लाख से अधिक सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं और 45 लाख से ज्यादा घरों को इसका लाभ मिला है। अप्रैल 2026 में ही 2.7 लाख इंस्टॉलेशन पूरे होना इस योजना की बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव को दिखाता है।
वैश्विक स्तर पर जहां पश्चिम एशिया में ऊर्जा अस्थिरता बढ़ रही है, वहीं भारत ने सौर ऊर्जा के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं। आज देश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आता है—और यह लक्ष्य भारत ने 2030 से पहले ही हासिल कर लिया है। इससे साफ है कि भारत न केवल अपने ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।
इस कार्यक्रम में मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि ‘रन फॉर सन’ सिर्फ एक मैराथन नहीं, बल्कि एक सामूहिक आंदोलन है, जो भारत को एक स्थायी और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर ले जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि सौर ऊर्जा का लाभ देश के हर घर तक पहुंचे।
कुल मिलाकर, ‘रन फॉर सन’ जैसे आयोजन यह साबित करते हैं कि भारत में ऊर्जा क्रांति केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब एक जन आंदोलन बन चुकी है—जहां हर नागरिक इसमें अपनी भूमिका निभा रहा है।