पंचायत विकास योजनाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला: नई दिल्ली में दो दिवसीय बैठक, ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा

Sun 03-May-2026,11:57 PM IST +05:30

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पंचायत विकास योजनाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला: नई दिल्ली में दो दिवसीय बैठक, ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा Panchayati Raj Workshop India
  • नई दिल्ली में दो दिवसीय PDP राष्ट्रीय कार्यशाला. 

  • ई-ग्रामस्वराज पोर्टल और नई पुस्तिकाओं का शुभारंभ. 

  • डेटा-आधारित और सहभागी पंचायत योजना पर फोकस. 

Delhi / Delhi :

Delhi / नई दिल्ली में पंचायती राज व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल होने जा रही है। Ministry of Panchayati Raj 4 और 5 मई 2026 को डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में पंचायत विकास योजनाओं (पीडीपी) के निर्माण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित कर रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम स्तर पर योजनाओं को और अधिक प्रभावी, सहभागी और डेटा-आधारित बनाना है, ताकि ग्रामीण विकास को नई दिशा मिल सके।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज और Ministry of Jal Shakti के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के.के. मीना की उपस्थिति में होगा। उद्घाटन सत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत भी की जाएगी, जिनमें पंचायत विकास योजना 2026-27 की तैयारी के लिए जन योजना अभियान (पीपीसी) पुस्तिका, गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) पुस्तिका और नए रूप में तैयार किया गया ई-ग्रामस्वराज पोर्टल शामिल हैं।

कार्यशाला के दौरान पंचायत विकास योजनाओं की बदलती भूमिका, 16वें वित्त आयोग के अनुदानों का ढांचा और स्थानीय स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और पंचायती राज से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर आकर अपने अनुभव साझा करेंगे।

कार्यशाला का एक खास पहलू यह है कि इसमें तकनीकी सत्रों के साथ-साथ व्यावहारिक अभ्यास भी होंगे। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें अलग-अलग विषयों—जैसे आजीविका, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, स्वच्छता, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और सुशासन—पर मॉडल योजनाएं तैयार करेंगी। इसके लिए ई-ग्रामस्वराज पोर्टल का उपयोग किया जाएगा, जिससे योजनाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा सके।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंचायत स्तर पर बनने वाली योजनाएं न केवल वित्तीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप हों, बल्कि उनका सीधा लाभ ग्रामीण समुदायों तक पहुंचे। साथ ही, इन योजनाओं के परिणाम भी मापने योग्य हों, ताकि विकास की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके।

कुल मिलाकर, यह कार्यशाला “विकसित पंचायत से विकसित भारत” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पंचायतों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण भारत के विकास को भी नई गति मिलेगी।