कर्नाटक के साथ अल्पसंख्यक योजनाओं की समीक्षा, क्रियान्वयन तेज करने पर जोर

Thu 30-Apr-2026,04:28 PM IST +05:30

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कर्नाटक के साथ अल्पसंख्यक योजनाओं की समीक्षा, क्रियान्वयन तेज करने पर जोर Minority-Schemes-Review-Karnataka-PMJVK-PMVIKS
  • अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने कर्नाटक के साथ पीएमजेवीके, पीएम विकास और छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा कर क्रियान्वयन तेज करने के निर्देश दिए।

  • बैठक में पारदर्शिता, जमीनी स्तर तक लाभ पहुंचाने और नई परियोजनाओं के लिए नवाचारपूर्ण प्रस्ताव तैयार करने पर जोर दिया गया।

  • केंद्र-राज्य समन्वय के जरिए शिक्षा, कौशल विकास और अवसंरचना सुधार से अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण पर फोकस।

Delhi / Delhi :

New Delhi/ नई दिल्ली में आयोजित समीक्षा बैठक में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स श्रीकृष्णा ने कर्नाटक सरकार के अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और अवसंरचना विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।

बैठक के दौरान कर्नाटक सरकार की सचिव डॉ. शामला इकबाल ने राज्य में चल रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पीएमजेवीके (प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम), पीएम विकास योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं और ‘उम्मीद’ जैसी पहलों के माध्यम से राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।

डॉ. श्रीवत्स श्रीकृष्णा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इनका लाभ जमीनी स्तर तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार को नई परियोजनाओं के लिए नवाचारपूर्ण प्रस्ताव देने के लिए भी प्रोत्साहित किया, जिससे योजनाओं की प्रभावशीलता और बढ़ सके।

उन्होंने कहा कि समावेशी विकास के लिए शिक्षा, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच मजबूत समन्वय से ही इन योजनाओं का बेहतर परिणाम सामने आ सकता है।

बैठक में संयुक्त सचिव श्री राम सिंह, श्री श्यामा प्रसाद रॉय और निदेशक सुश्री नेहा गिरी सहित मंत्रालय और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

यह समीक्षा बैठक इस बात का संकेत है कि सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के विकास को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।