ट्रूकॉलर की नई सुरक्षा सेटिंग: अब परिवार को ऑनलाइन ठगी से बचाना हुआ आसान
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Truecaller Family Protection
Truecaller का फैमिली प्रोटेक्शन फीचर ठगी से बचाव में सहायक.
बुजुर्गों और कम तकनीकी जानकारी वाले लोगों के लिए उपयोगी.
संदिग्ध कॉल पर पहले ही अलर्ट देकर सुरक्षा बढ़ाता है.
Nagpur / भारत में डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ ही ऑनलाइन ठगी के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। खासतौर पर साइबर अपराधी बुजुर्ग लोगों को अपना आसान शिकार बनाते हैं, क्योंकि कई बार उन्हें नई डिजिटल तकनीकों और ऑनलाइन फ्रॉड के तरीकों की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में एक फोन कॉल, मैसेज या लिंक के जरिए उन्हें धोखे में फंसाकर बैंक खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं। लेकिन अब इस तरह की ठगी से बचने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन Truecaller ने एक खास सुरक्षा फीचर उपलब्ध कराया है, जो परिवार के सदस्यों को डिजिटल फ्रॉड से बचाने में मदद कर सकता है।
यह फीचर खास तौर पर परिवार के बुजुर्ग सदस्यों या ऐसे लोगों के लिए उपयोगी है, जो तकनीक के मामले में ज्यादा जागरूक नहीं होते। इस सेटिंग को ऑन करने के बाद संदिग्ध कॉल या स्पैम नंबर की पहचान पहले ही हो जाती है, जिससे धोखेबाजों के झांसे में आने की संभावना काफी कम हो जाती है। अच्छी बात यह है कि इस सुविधा का उपयोग करने के लिए किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क भी नहीं देना पड़ता, यानी यह पूरी तरह से मुफ्त है।
डिजिटल ठगी के मामलों में अक्सर अपराधी खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी कंपनी के प्रतिनिधि के रूप में पेश करते हैं। वे फोन करके लोगों से ओटीपी, बैंक डिटेल या व्यक्तिगत जानकारी मांगते हैं। कई बार वे इनाम, लोन या केवाईसी अपडेट जैसे बहाने बनाकर लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। बुजुर्ग लोग या तकनीकी जानकारी कम रखने वाले लोग कई बार इन कॉल्स को असली मानकर अपनी जानकारी साझा कर देते हैं, जिसके बाद उनके खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
ऐसी ही घटनाओं को ध्यान में रखते हुए Truecaller ने “फैमिली प्रोटेक्शन” जैसे फीचर को विकसित किया है। इसके जरिए परिवार का कोई एक सदस्य अपने फोन में यह सेटिंग सक्रिय करके दूसरे सदस्यों की सुरक्षा में मदद कर सकता है। यदि परिवार के किसी सदस्य के फोन पर संदिग्ध कॉल या स्पैम कॉल आती है, तो उसका अलर्ट पहले ही मिल जाता है और समय रहते उसे सावधान किया जा सकता है। इससे ठगी की घटना होने से पहले ही उसे रोका जा सकता है।
इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले फोन में Truecaller एप्लिकेशन इंस्टॉल होना जरूरी है। इसके बाद ऐप की सेटिंग में जाकर फैमिली या प्रोटेक्शन से जुड़ा विकल्प सक्रिय किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में परिवार के सदस्यों को जोड़ने की सुविधा भी मिलती है, जिससे सभी लोग एक-दूसरे की सुरक्षा से जुड़े अलर्ट प्राप्त कर सकते हैं। जब भी किसी नंबर को स्पैम या फ्रॉड के रूप में रिपोर्ट किया जाता है, तो Truecaller का डेटाबेस उसे पहचान लेता है और कॉल आने पर तुरंत चेतावनी दिखाता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि डिजिटल युग में केवल तकनीक का उपयोग करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके साथ सतर्कता भी जरूरी है। किसी भी अनजान कॉलर को बैंकिंग जानकारी देना, ओटीपी साझा करना या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए लोगों को हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए और शक होने पर तुरंत कॉल काट देना चाहिए।
सरकारी एजेंसियां और साइबर सेल भी समय-समय पर लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूक करती रहती हैं। इसके बावजूद कई लोग जानकारी के अभाव में धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में Truecaller जैसे सुरक्षा फीचर डिजिटल दुनिया में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत की तरह काम कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार के युवा सदस्य यदि इस तरह की तकनीकी सुविधाओं को अपने माता-पिता या दादा-दादी के फोन में सक्रिय कर दें, तो ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। डिजिटल सुरक्षा के इस दौर में तकनीक का सही उपयोग ही सबसे बड़ा बचाव साबित हो सकता है।