छत्तीसगढ़ में ED छापा: शराब घोटाला और भारतमाला कनेक्शन की जांच

Thu 30-Apr-2026,04:35 PM IST +05:30

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छत्तीसगढ़ में ED छापा: शराब घोटाला और भारतमाला कनेक्शन की जांच ED-Raids-Chhattisgarh-Liquor-Scam-Bharatmala
  • ED ने दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में एक साथ छापेमारी कर शराब घोटाले और भारतमाला परियोजना मुआवजा गड़बड़ी की जांच तेज की।

  • जांच में राजनीतिक कनेक्शन, बिचौलियों और राजस्व अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध, कई जिलों के पूर्व कलेक्टर जांच के दायरे में आए।

  • EOW की कार्रवाई के बाद ED ने मनी ट्रेल और फर्जी जमीन खरीद के जरिए मुआवजा घोटाले की परतें खोलनी शुरू कीं।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। एजेंसी ने एक साथ दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में दबिश देकर कई संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली।

दुर्ग में ‘अमर इंफ्रा’ से जुड़े भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के आवास और कार्यालय में छानबीन की गई, जहां विभिन्न कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वहीं भिलाई में गोविंद मंडल और बिलासपुर में सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के प्रतिष्ठान ‘श्रीराम ज्वेलर्स’ सहित कई स्थानों पर कार्रवाई हुई।

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई शराब घोटाले के फरार आरोपी विकास अग्रवाल के नेटवर्क की जांच से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि उसका संबंध कारोबारी अनवर ढेबर से है, जिससे इस केस की परतें और गहरी होती जा रही हैं। ED इस पूरे सिंडिकेट में हुए वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल की जांच कर रही है।

इसके अलावा जांच एजेंसी का ध्यान भारत सरकार की महत्वाकांक्षी Bharatmala Project से जुड़े मुआवजा घोटाले पर भी केंद्रित है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने पहले से जमीन खरीदकर बाद में भारी मुआवजा प्राप्त किया।

इस मामले में राजस्व अमले की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। आरोप है कि पटवारी और राजस्व निरीक्षकों ने फर्जी प्रकरण बनाकर कलेक्टर कार्यालय को भेजे, जिन पर मंजूरी के बाद मुआवजा जारी किया गया।

जांच का दायरा अब 12 जिलों तक पहुंच गया है, जिनमें Raipur, Korba, Dhamtari, Bilaspur और Durg शामिल हैं। कई पूर्व कलेक्टरों और अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

इस पूरे घोटाले का खुलासा Economic Offences Wing (EOW) की जांच से हुआ था, जिसने पहले ही इस मामले में कई गिरफ्तारियां की हैं।

फिलहाल ED इस नेटवर्क के हर पहलू की गहन जांच कर रही है, जिसमें बिचौलियों, प्रॉपर्टी डीलरों और अधिकारियों की भूमिका को खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।