शेखा झील बनी रामसर साइट, भारत में आर्द्रभूमि संख्या पहुंची 99
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अलीगढ़ की शेखा झील को रामसर स्थल घोषित किया गया, जिससे भारत में कुल रामसर साइट्स की संख्या बढ़कर 99 हो गई है।
यह झील मध्य एशियाई फ्लाईवे का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां सर्दियों में प्रवासी पक्षियों की कई दुर्लभ प्रजातियां आती हैं और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है।
इस घोषणा से स्थानीय आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही जल और जलवायु सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
Aligarh News/ केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री Bhupender Yadav ने मंगलवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए उत्तर प्रदेश के Aligarh स्थित Shekha Jheel Bird Sanctuary को रामसर स्थल घोषित किया। इस घोषणा के साथ भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 99 हो गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह संख्या बढ़कर 12 पहुंच गई है।
मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के लिए गर्व का विषय है और यह भारत को आर्द्रभूमि संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाती है।
उन्होंने बताया कि शेखा झील पक्षी अभयारण्य पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मध्य एशियाई फ्लाईवे का एक अहम पड़ाव है, जहां सर्दियों के दौरान हंस, पेंटेड स्टॉर्क और विभिन्न प्रजातियों की बत्तखें जैसे प्रवासी पक्षी आते हैं। इस कारण यह क्षेत्र जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
श्री यादव ने कहा कि इस घोषणा से स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जल संरक्षण और जलवायु संतुलन में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में चल रहे पारिस्थितिकी संरक्षण अभियान का हिस्सा बताया।
मंत्री ने कहा कि भारत की आर्द्रभूमियों को संरक्षित करने के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण स्थल का भ्रमण करें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनें।
विशेषज्ञों का मानना है कि शेखा झील को रामसर स्थल घोषित किए जाने से न केवल इस क्षेत्र की पहचान बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। यह कदम भारत को अपने 100वें रामसर स्थल के लक्ष्य के और करीब ले जाता है।