India Japan Air Exercise | वीर गार्जियन-2026 अभ्यास संपन्न, भारत-जापान की वायु रक्षा साझेदारी मजबूत
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India-Japan Air Exercise
भारत-जापान का संयुक्त वायु रक्षा अभ्यास वीर गार्जियन-2026 जोधपुर में संपन्न हुआ।
भारतीय वायु सेना ने सुखोई-30 एमकेआई, राफेल और तेजस से हिस्सा लिया।
अभ्यास से दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच तालमेल और रक्षा सहयोग मजबूत हुआ।
Jodhpur / जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायु सेना और जापान वायु आत्मरक्षा बल (JASDF) के बीच चल रहा संयुक्त वायु रक्षा अभ्यास ‘वीर गार्जियन-2026’ संपन्न हो गया। 14 दिनों तक चले इस अभ्यास में दोनों देशों की वायु सेनाओं ने उन्नत उड़ान अभियानों और संयुक्त संचालन का अभ्यास किया। अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और अंतर-संचालनीयता को बेहतर बनाना तथा भारत-जापान की रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना रहा।
अभ्यास में भारतीय वायु सेना ने अपने कई प्रमुख लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा लिया। इसमें सुखोई-30 एमकेआई, राफेल और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस शामिल रहे। दूसरी ओर, जापान वायु आत्मरक्षा बल ने एफ-2ए युद्धक विमानों के साथ अभ्यास में भाग लिया। अलग-अलग क्षमताओं वाले इन विमानों के संयुक्त संचालन से दोनों देशों के पायलटों और तकनीकी दलों को एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।
वीर गार्जियन-2026 के दौरान दोनों वायु सेनाओं ने दृश्यता सीमा के भीतर होने वाले युद्धाभ्यास के साथ-साथ समन्वित बहु-विमान अभियानों का भी अभ्यास किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में बेहतर समन्वय और तेज निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना था। संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों को साझा किया।
अभ्यास के दौरान आयोजित विशिष्ट अतिथि दिवस भी महत्वपूर्ण रहा। जापान वायु आत्मरक्षा बल के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरिता और भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह जोधपुर वायुसेना स्टेशन पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने अभ्यास की गतिविधियों का अवलोकन किया और स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भी भरी। यह अवसर दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग और पेशेवर संबंधों को दर्शाने वाला रहा।
सिर्फ हवाई अभियानों तक सीमित न रहते हुए वीर गार्जियन-2026 के दौरान जमीनी स्तर पर भी दोनों देशों के सैन्यकर्मियों के बीच व्यापक संवाद हुआ। इसमें विषय विशेषज्ञों का एक-दूसरे के संस्थानों का दौरा, परिचालन चर्चाएं और अभियान योजना से जुड़े सम्मेलन शामिल रहे। इसके अलावा इंजीनियरिंग से संबंधित विषयों, विमानों और उपकरणों के रखरखाव तथा एयरोस्पेस सुरक्षा को लेकर भी जानकारी और अनुभव साझा किए गए।
इन गतिविधियों से दोनों देशों के अधिकारियों और विशेषज्ञों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को करीब से समझने का अवसर मिला। साथ ही, दोनों वायु सेनाओं की विशिष्ट क्षमताओं और तकनीकी जरूरतों को समझने में भी मदद मिली।
वीर गार्जियन-2026 को भारत और जापान के बीच लंबे समय से विकसित हो रहे रक्षा सहयोग की एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। नियमित संयुक्त अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे के साथ काम करने का व्यावहारिक अनुभव देते हैं और आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं।
अभ्यास के समापन के साथ दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच पेशेवर सहयोग और परिचालन तालमेल को आगे बढ़ाने का एक और अवसर पूरा हुआ। भारतीय वायु सेना और JASDF की भागीदारी ने यह भी दिखाया कि दोनों देश रक्षा क्षेत्र में सहयोग को लगातार नए स्तर पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। वीर गार्जियन-2026 भारत-जापान की मैत्रीपूर्ण और रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने वाला एक अहम अभ्यास रहा।