National Water Mission | भूजल रिचार्ज की नई पहल: जल शक्ति मंत्री ने लॉन्च किया ‘पुनर्भरण’ मोबाइल ऐप
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने ‘पुनर्भरण’ ऐप लॉन्च किया।
ऐप आसपास के संभावित भूजल पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगा।
वेब पोर्टल पर ग्राम स्तर के मानचित्र और भूजल प्रबंधन से जुड़े आंकड़े उपलब्ध होंगे।
New Delhi / क्या आपके आसपास ऐसी जगह मौजूद है, जहां बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाकर भूजल स्तर बढ़ाया जा सकता है? अब वैज्ञानिक तकनीक की मदद से ऐसी संभावित जगहों की पहचान आसान बनाने के लिए नई डिजिटल पहल शुरू की गई है।
देश में भूजल प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक नई पहल की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने राष्ट्रीय जल मिशन यानी NWM के सहयोग से विकसित **‘पुनर्भरण’ मोबाइल एप्लिकेशन** लॉन्च किया है। इसे बीआईएसएजी-एन ने विकसित किया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक तरीके से भूजल पुनर्भरण की योजना बनाने में सहायता देना और कृत्रिम पुनर्भरण के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करना है।
तीन किलोमीटर तक की दूरी में मिलेगी जानकारी
इस मोबाइल एप्लिकेशन की मदद से उपयोगकर्ता अपने आसपास तीन किलोमीटर तक की दूरी के भीतर संभावित कृत्रिम भूजल पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान कर सकते हैं। यह एप्लिकेशन स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर उपयुक्त पुनर्भरण संरचनाओं का पता लगाने में भी मदद करता है।
इससे भूजल संरक्षण की योजना बनाते समय संबंधित क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को समझने में सहायता मिल सकती है।
GIS तकनीक से बनेगी बेहतर योजना
इस पहल के साथ एक वेब पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से ग्राम स्तर पर कृत्रिम पुनर्भरण संरचनाओं यानी ARS के जोनिंग मानचित्र, भौगोलिक सूचना प्रणाली यानी GIS उपकरण और विभिन्न विषयगत आंकड़ों तक पहुंच मिलती है।
यह पोर्टल भूजल प्रबंधन से जुड़ी योजना तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकता है।
इस प्लेटफॉर्म पर वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उत्पादन, जमीन की ढलान और जल निकासी से संबंधित भू-स्थानिक आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है। इन आंकड़ों की मदद से संभावित पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान करने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उचित उपायों की योजना बनाने में सहायता मिलती है।
भूजल संरक्षण को मिलेगा तकनीकी सहयोग
जल शक्ति मंत्रालय का जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग वैज्ञानिक भूजल पुनर्भरण की योजना बनाने में सहयोग प्रदान करेगा।
कुल मिलाकर, ‘पुनर्भरण’ मोबाइल एप्लिकेशन और वेब पोर्टल भूजल संरक्षण के लिए तकनीक आधारित योजना बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इनके माध्यम से संभावित पुनर्भरण स्थलों की पहचान और जल प्रबंधन से जुड़े निर्णयों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।