रायपुर प्रोजेक्ट में अधूरी सुविधाएं, RERA ने बिल्डर पर जुर्माना
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रायपुर के हम्मिंग कोट्री प्रोजेक्ट में अधूरी सुविधाओं की शिकायत पर RERA ने बिल्डर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर सख्त कार्रवाई की।
निवासियों ने बैडमिंटन कोर्ट, क्लब हाउस, सीवरेज और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाओं के अधूरे होने का आरोप लगाया, जिससे रोजमर्रा की समस्याएं बढ़ीं।
RERA ने 60 दिनों में सभी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि समयसीमा में सुधार न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Raipur/ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक आवासीय प्रोजेक्ट में अधूरी सुविधाओं का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। कचना क्षेत्र स्थित हम्मिंग कोट्री प्रोजेक्ट के निवासियों की शिकायत पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने सख्त कार्रवाई करते हुए बिल्डर पर जुर्माना लगाया है। यह कदम उन उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं।
रायपुर के कचना इलाके में स्थित हम्मिंग कोट्री आवासीय परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। यहां रहने वाले निवासियों ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट हैंडओवर के समय जिन सुविधाओं का वादा किया गया था, वे अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इस मामले में अजय अग्रवाल और अतुल अग्रवाल ने RERA में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि बैडमिंटन कोर्ट, क्लब हाउस, लॉन और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं अधूरी हैं। निवासियों का कहना है कि इन कमियों के कारण उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि बिल्डर पहले ही परियोजना पूर्ण होने का दावा कर चुका था।
जांच के दौरान प्रोजेक्ट में कई गंभीर खामियां सामने आईं। स्विमिंग पूल में इनलेट-आउटलेट सिस्टम नहीं पाया गया, क्लब हाउस का सोलर सिस्टम अधूरा है, और दीवारों में सीलन की समस्या भी देखी गई। इसके अलावा फाउंटेन खराब है और एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का कंट्रोल पैनल भी निष्क्रिय पाया गया, जो पर्यावरण और स्वच्छता के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
मामले की सुनवाई करते हुए RERA अध्यक्ष संजय शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने बिल्डर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और 60 दिनों के भीतर सभी अधूरे कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में सुधार नहीं किया गया, तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।