देशभर में अग्नि सुरक्षा सप्ताह शुरू, अस्पतालों में सख्त सुरक्षा पर जोर

Mon 04-May-2026,04:17 PM IST +05:30

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देशभर में अग्नि सुरक्षा सप्ताह शुरू, अस्पतालों में सख्त सुरक्षा पर जोर Fire-Safety-Week-2026-Healthcare-India
  • केंद्र सरकार ने 4-10 मई तक राष्ट्रव्यापी अग्नि सुरक्षा सप्ताह शुरू कर अस्पतालों में सुरक्षा ऑडिट, प्रशिक्षण और आपातकालीन तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया।

  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए 2026 दिशानिर्देश जारी कर ICU, NICU और ऑपरेशन थिएटर जैसे उच्च जोखिम क्षेत्रों में सख्त अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने का निर्देश दिया।

  • NDMA और राज्यों के सहयोग से मॉक ड्रिल, जागरूकता अभियान और तकनीकी प्रशिक्षण के जरिए स्वास्थ्य कर्मियों की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने पर विशेष फोकस रखा गया।

Delhi / New Delhi :

Delhi/ देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 4 से 10 मई 2026 तक राष्ट्रव्यापी अग्नि सुरक्षा सप्ताह की शुरुआत की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नेतृत्व में यह अभियान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को मजबूत करना, जोखिमों की पहचान करना और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को बेहतर बनाना है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रव्यापी अग्नि सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। इस अभियान की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित संकल्प समारोह से हुई, जिसमें देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों ने अग्नि सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इस वर्ष का विषय “सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज” सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी पर जोर देता है। समारोह के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यह सप्ताह न केवल सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने का अवसर है, बल्कि संस्थानों में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने का भी एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने सभी राज्यों से नियमित अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराने और उसकी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सदस्य कृष्ण एस. वत्सा ने अस्पतालों में सक्रिय और व्यवस्थित अग्नि सुरक्षा प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि एनडीएमए राज्य और जिला स्तर पर क्षमता निर्माण के लिए क्षेत्रीय कार्यक्रम आयोजित करेगा। साथ ही, स्व-प्रमाणन प्रणाली लागू करने की भी जरूरत बताई, जिससे नियमित ऑडिट सुनिश्चित हो सके।

इसी क्रम में महानिदेशक (अग्निशमन सेवा) सुनील कुमार झा ने कहा कि अस्पताल अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र होते हैं, जहां छोटी चूक भी बड़े हादसे में बदल सकती है। उन्होंने सतत निगरानी, प्रशिक्षण और समन्वय को अग्नि सुरक्षा की कुंजी बताया।

इस अवसर पर मंत्रालय ने “स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि और जीवन सुरक्षा संबंधी राष्ट्रीय दिशानिर्देश 2026” भी जारी किए। इन दिशानिर्देशों में जोखिम मूल्यांकन, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, प्रशिक्षण और जागरूकता जैसे कई अहम पहलुओं को शामिल किया गया है। विशेष रूप से ICU, NICU, PICU और ऑपरेशन थिएटर जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए सख्त प्रावधान तय किए गए हैं।

अग्नि सुरक्षा सप्ताह के दौरान देशभर में मॉक ड्रिल, अग्नि सुरक्षा ऑडिट, निकासी अभ्यास और तकनीकी वेबिनार आयोजित किए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों और छात्रों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज और लाइव डेमो जैसे कार्यक्रम भी होंगे।

मंत्रालय ने सभी हितधारकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि देशभर में सुरक्षित, सुदृढ़ और उत्तरदायी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित की जा सके।