कूनो नेशनल पार्क में चीता ‘ज्वाला’ ने दिए 5 शावक

Mon 09-Mar-2026,04:56 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

कूनो नेशनल पार्क में चीता ‘ज्वाला’ ने दिए 5 शावक Kuno-National-Park-Cheetah-Jwala-Cubs
  • कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई चीता ‘ज्वाला’ ने पांच शावकों को जन्म दिया, जिससे भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई।

  • हाल ही में बोत्सवाना से लाए गए नौ चीते कूनो में अनुकूलन और स्वास्थ्य निगरानी के चरण में हैं, जिन्हें बाद में जंगल में छोड़ा जाएगा।

Madhya Pradesh / Bhopal :

Bhopal/ मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता संरक्षण परियोजना को एक और बड़ी सफलता मिली है। नामीबिया से लाई गई मादा चीता ‘ज्वाला’ ने पांच शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में जन्मे स्वस्थ चीता शावकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस जानकारी को साझा करते हुए इसे ‘प्रोजेक्ट चीता’ की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मादा चीता ‘ज्वाला’ तीसरी बार सफलतापूर्वक मां बनी है और उसने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया है। इस नए जन्म के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है, जो देश में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

मंत्री ने कहा कि यह भारत की धरती पर चीतों के 10वें सफल प्रजनन का संकेत है। उन्होंने इसे ‘प्रोजेक्ट चीता’ के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह सफलता पशु चिकित्सकों, वन विभाग के फील्ड स्टाफ और परियोजना से जुड़े सभी विशेषज्ञों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि इन शावकों के जन्म से चीता संरक्षण अभियान को नई ऊर्जा मिली है। साथ ही उम्मीद जताई कि ‘ज्वाला’ और उसके सभी शावक स्वस्थ रहेंगे और भविष्य में भारत में चीतों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इससे पहले हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ भी दूसरी बार मां बनी थी और उसने चार शावकों को जन्म दिया था। इससे कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता प्रजनन की सफलता दर और मजबूत हुई है।

इसके अलावा 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों—जिनमें छह मादा और तीन नर शामिल हैं—को कूनो राष्ट्रीय उद्यान के क्वारंटीन बाड़ों में रखा गया है। फिलहाल ये चीते स्वास्थ्य निगरानी और अनुकूलन की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। इसके बाद इन्हें धीरे-धीरे बड़े वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि ‘प्रोजेक्ट चीता’ भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को फिर से बसाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यदि इसी तरह सफल प्रजनन होता रहा तो आने वाले वर्षों में भारत में चीतों की संख्या और बढ़ सकती है।