17 मार्च को कांग्रेस का विधानसभा घेराव
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने 17 मार्च को रायपुर में विधानसभा घेराव का ऐलान किया, प्रदेशभर से हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना।
केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगरीय निकायों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस करेगी बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन।
Raipur/ छत्तीसगढ़ में सियासी माहौल एक बार फिर गर्म होता नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 17 मार्च को राजधानी रायपुर में विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार, राज्य सरकार और नगरीय निकायों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराएगी।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार प्रदेश में कई जनहित से जुड़े मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिन पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह बड़ा आंदोलन किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि किसानों, युवाओं, महंगाई, बेरोजगारी और नगरीय निकायों की समस्याओं सहित कई मुद्दों को लेकर जनता में असंतोष बढ़ रहा है। इसी कारण पार्टी ने विधानसभा घेराव का निर्णय लिया है।
कांग्रेस द्वारा आयोजित इस आंदोलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। जिला स्तर पर भी पार्टी संगठन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि अधिक से अधिक कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में भाग ले सकें।
इस आंदोलन की तैयारी के चलते कांग्रेस ने आज प्रस्तावित बीजेपी कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि फिलहाल पूरी ऊर्जा और संगठनात्मक ताकत विधानसभा घेराव को सफल बनाने में लगाई जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा घेराव का यह कार्यक्रम प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर सकता है। विपक्ष के इस कदम से सत्तारूढ़ दल और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है।
वहीं प्रशासन भी इस कार्यक्रम को लेकर सतर्क हो गया है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की जा सकती है।
कुल मिलाकर 17 मार्च को होने वाला यह विधानसभा घेराव प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन साबित हो सकता है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।