हाईकोर्ट ने विजयपुर चुनाव आदेश रोका, मुकेश मल्होत्रा बने विधायक

Thu 12-Mar-2026,06:03 PM IST +05:30

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हाईकोर्ट ने विजयपुर चुनाव आदेश रोका, मुकेश मल्होत्रा बने विधायक Vijaypur-Election-Highcourt-Stay-Mukesh-Malhotra
  • हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा चुनाव पर पहले के आदेश को 15 दिनों के लिए स्थगित किया, मुकेश मल्होत्रा फिलहाल विधायक बने रहेंगे।

  • अब मुकेश मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट में राहत की अपील दायर कर सकते हैं, जिससे चुनाव परिणाम पर अंतिम फैसला प्रभावित होगा।

Madhya Pradesh / Bhopal :

 विजयपुर/ मध्यप्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी विवाद के केंद्र में आ गई है। हाईकोर्ट ने अपने पिछले आदेश पर 15 दिन के लिए अस्थायी रोक लगा दी है, जिसमें कांग्रेस नेता मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन निरस्त कर भाजपा उम्मीदवार रामनिवास रावत को विजेता घोषित किया गया था। इस अस्थायी रोक के बाद मुकेश मल्होत्रा फिलहाल विजयपुर से विधायक बने रहेंगे। अदालत ने यह समय इसलिए दिया है ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ राहत मांग सकें।

हाईकोर्ट का नया आदेश

हाईकोर्ट ने अपने पूर्व निर्णय पर अस्थायी रोक लगाते हुए 15 दिन का समय दिया है। यह रोक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act) के तहत दी गई है। अदालत ने कहा कि यह अवधि मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने के लिए पर्याप्त समय प्रदान करती है। इस आदेश के बाद फिलहाल वे विजयपुर के विधायकों में शामिल रहेंगे।

याचिका और सुनवाई

इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता विवेक तंखा ने अदालत में याचिका दाखिल की थी। उनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अपने पहले के आदेश पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया।

पूर्व आदेश का सार

पहले हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने विजयपुर उपचुनाव से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। अदालत ने मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन रद्द कर दिया और भाजपा उम्मीदवार रामनिवास रावत को वैध रूप से निर्वाचित विधायक घोषित किया था।

आपराधिक मामलों की अनदेखी का आरोप

रामनिवास रावत की ओर से अदालत में दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने नामांकन पत्र में आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी। उनके खिलाफ कुल छह आपराधिक मामले दर्ज थे, लेकिन उन्होंने केवल दो मामलों का ही उल्लेख किया था। अदालत ने इसे निर्वाचन प्रक्रिया में तथ्य छिपाना माना और उनका चुनाव रद्द कर दिया। इस नए आदेश के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर हैं।