जगदलपुर केंद्रीय जेल को मिला नया अधीक्षक
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जगदलपुर केंद्रीय जेल में अधीक्षक पद पर अक्षय तिवारी की नियुक्ति, पूर्व अधीक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद लंबे समय से खाली था पद।
सूरजपुर जेल में सेवाएं दे चुके अक्षय तिवारी को प्रशासनिक अनुभव और सख्त कार्यशैली के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
Jagdalpur/ छत्तीसगढ़ के Jagdalpur स्थित केंद्रीय जेल में अधीक्षक पद पर नई नियुक्ति कर दी गई है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारी Akshay Tiwari को केंद्रीय जेल का नया अधीक्षक नियुक्त किया गया है। जानकारी के मुताबिक वे जल्द ही जगदलपुर पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार अक्षय तिवारी इससे पहले Surajpur जेल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वहां उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। इसी अनुभव को देखते हुए उन्हें जगदलपुर केंद्रीय जेल जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गौरतलब है कि केंद्रीय जेल के पूर्व अधीक्षक R. R. Rai के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद काफी समय से खाली पड़ा हुआ था। इस कारण जेल प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे थे। अधीक्षक पद खाली रहने से प्रशासनिक निर्णयों में देरी और व्यवस्थाओं के संचालन में भी दिक्कतें सामने आ रही थीं।
अब नए अधीक्षक की नियुक्ति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जेल की व्यवस्थाएं जल्द ही पटरी पर लौटेंगी। अधिकारियों का कहना है कि अक्षय तिवारी के नेतृत्व में प्रशासनिक समन्वय को मजबूत किया जाएगा और बंदियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
जगदलपुर केंद्रीय जेल प्रशासनिक दृष्टि से काफी संवेदनशील मानी जाती है, क्योंकि यह इलाका नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के करीब स्थित है। ऐसे में यहां की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी वजह से सरकार ने इस पद पर एक अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति को प्राथमिकता दी है।
जेल प्रशासन के सूत्रों के अनुसार नए अधीक्षक के कार्यभार संभालने के बाद जेल की आंतरिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। बंदियों के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा जेल में बंद कैदियों के पुनर्वास और सुधारात्मक कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाने की योजना बनाई जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि प्रभावी नेतृत्व और बेहतर समन्वय के जरिए जेल प्रशासन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
नए अधीक्षक की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है और उम्मीद की जा रही है कि इससे केंद्रीय जेल की व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी और मजबूत बनेगी।