Dussehra 2026 | दिल्ली में दशहरे पर रावण दहन, राष्ट्रपति-मोदी ने दिया क्या बड़ा संदेश?
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Delhi Dussehra Celebration
राष्ट्रपति मुर्मू ने द्वारका में आरती कर रावण दहन किया और भगवान राम के आदर्शों का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय एकता और अपनी शक्ति पहचानने पर जोर दिया।
दिल्ली में रावण दहन के साथ भ्रष्टाचार, अहंकार और गंदगी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाई गई।
New Delhi / दिल्ली में दशहरे की रात रावण के पुतले धू-धू कर जले, लेकिन इस बार संदेश सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत तक सीमित नहीं रहा। कहीं भ्रष्टाचार और सामाजिक बुराइयों पर प्रहार हुआ, तो कहीं लोगों से अपने भीतर के रावण को जलाने की अपील की गई।
देशभर में विजयादशमी का पर्व उत्साह और परंपरा के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी अलग-अलग स्थानों पर भव्य दशहरा समारोह आयोजित किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया और लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित श्रीरामलीला समारोह में शामिल हुईं। उनके साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की पारंपरिक आरती की और फिर तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने लोगों से भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन प्रकृति का सम्मान करने, पर्यावरण की रक्षा करने और सभी के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दशहरा केवल भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक नहीं है, बल्कि सत्य, धर्म और न्याय की जीत का भी संदेश देता है। उन्होंने अहंकार, क्रोध, भ्रष्टाचार, अपराध, सामाजिक भेदभाव और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार जैसी बुराइयों के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंद्रप्रस्थ रामलीला मैदान में आयोजित विजयादशमी समारोह में भाग लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट कितना भी बड़ा या कठिन क्यों न हो, लोगों को दूसरों के भरोसे बैठने के बजाय अपनी शक्ति को पहचानना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय हित में देश की संस्थाओं और राजनीतिक दलों के एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन दिल्ली के लाल किले के पास रामलीला मैदान में आयोजित लव-कुश रामलीला में शामिल हुए। यहां 110 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन आकर्षण का केंद्र रहा। इस बार पुतले में घूमने वाली तलवार और जलती हुई दिखाई देने वाली आंखों जैसी विशेषताएं भी जोड़ी गई थीं। कार्यक्रम में अभिनेता यामी गौतम भी मौजूद रहीं।
इस समारोह में रावण के पुतले के दहन के बाद एक विशेष संदेश दिया गया—हर साल रावण जलता है, लेकिन इस बार अपने भीतर के रावण को जलाने की जरूरत है। इसका उद्देश्य लोगों को अहंकार और दूसरी बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा देना था।
दिल्ली के पीतमपुरा इलाके में आयोजित एक अन्य समारोह में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया गया। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य गंदगी, अस्वच्छता और उनसे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता फैलाना था।
कुल मिलाकर, दिल्ली में दशहरा समारोह धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक संदेशों का भी माध्यम बने। इस पर्व ने एक बार फिर याद दिलाया कि बुराई पर विजय केवल प्रतीकात्मक पुतले जलाने से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने से भी मिलती है।