दिल्ली में BJP का दिवाली मिलन समारोह, 50 देशों के 90 से अधिक राजनयिक होंगे शामिल | Diwali Diplomatic Reception at BJP Headquarters
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Diwali Diplomatic Reception at BJP Headquarters
समारोह में 90 से अधिक विदेशी राजनयिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
विदेशी मेहमानों के साथ दिवाली की परंपराओं और उत्सव की खुशियां साझा की जाएंगी।
नंदिनी शंकर और महेश राघवन ‘ट्रेडिशन एंड इनोवेशन’ की प्रस्तुति देंगे।
New Delhi / दिवाली के त्योहार पर भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की झलक दुनिया के सामने पेश करने जा रहा है। दिल्ली में होने वाला एक खास आयोजन 50 देशों के राजनयिकों को भारतीय संस्कृति, संगीत और उत्सव से जोड़ने वाला है।
भारतीय जनता पार्टी यानी BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में विदेशी राजनयिकों के लिए विशेष दिवाली मिलन समारोह आयोजित करने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में करीब 50 देशों के 90 से अधिक राजनयिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस विशेष आयोजन में विभिन्न देशों के मिशन प्रमुख, उप-मिशन प्रमुख और वरिष्ठ राजनयिक हिस्सा लेंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार के कई मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और दिवाली के उत्सवी माहौल को अंतरराष्ट्रीय राजनयिक समुदाय के साथ साझा करना है। इसके जरिए भारत और दूसरे देशों के बीच आपसी सद्भाव, मित्रता और जन-स्तर पर संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति के साथ आधुनिक संगीत तकनीक का अनूठा संगम भी देखने को मिलेगा। इसके लिए विशेष संगीतमय प्रस्तुति ‘ट्रेडिशन एंड इनोवेशन’ यानी ‘परंपरा और नवाचार’ का आयोजन किया गया है।
इस प्रस्तुति में वायलिन वादक नंदिनी शंकर और आईपैड के जरिए संगीत प्रस्तुत करने वाले महेश राघवन अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रस्तुति पारंपरिक भारतीय संगीत और आधुनिक डिजिटल तकनीक के मेल को दर्शाएगी।
बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले के अनुसार, यह आयोजन विदेशी राजनयिकों के साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत और त्योहारों की खुशियां साझा करने का अवसर है। इसके माध्यम से आपसी विश्वास, मित्रता और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि दिवाली केवल रोशनी और उत्सव का त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में खुशियों, एकता और आपसी सद्भाव का प्रतीक भी है। ऐसे आयोजनों के जरिए भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा है।
अब देखना होगा कि यह दिवाली मिलन समारोह भारत और विभिन्न देशों के राजनयिक समुदाय के बीच सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने में किस तरह योगदान देता है।