देवास जंगल में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़

Mon 16-Mar-2026,11:58 AM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

देवास जंगल में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ Dewas-Illegal-Firecracker-Factory-Busted
  • देवास जिले के पोलाखाल जंगल में पुलिस ने छापेमारी कर दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया, 1200 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त।

  • देवास जिले के पोलाखाल जंगल में पुलिस ने छापेमारी कर दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया, 1200 किलो विस्फोटक सामग्री जब्त।

Madhya Pradesh / Dewas :

Dewas/ मध्य प्रदेश के देवास जिले में घने जंगल के बीच अवैध पटाखा निर्माण का बड़ा मामला सामने आया है। उदयनगर थाना क्षेत्र के पोलाखाल जंगल में पुलिस ने छापेमारी कर दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियों का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 1200 किलो विस्फोटक सामग्री और लगभग 25 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके से कई मजदूरों को हिरासत में लिया गया है, जबकि फैक्ट्री संचालक फरार बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार उदयनगर थाना क्षेत्र से करीब 15 किलोमीटर दूर पोलाखाल के घने जंगल में टीन शेड बनाकर दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित की जा रही थीं। यहां बिना किसी वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर पटाखे तैयार किए जा रहे थे। गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने टीम गठित कर मौके पर दबिश दी और पूरे इलाके को घेरकर कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में सुतली बम, बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्री मिली। इसके अलावा पटाखे बनाने में उपयोग होने वाले कागज, धागे, केमिकल, मशीनरी और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार बरामद विस्फोटक सामग्री का कुल वजन करीब 1200 किलो है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी जा रही है।

पुलिस की अचानक कार्रवाई से वहां काम कर रहे मजदूरों और अन्य लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग मौके से भागने में सफल हो गए, जबकि चार से पांच मजदूर पुलिस के हाथ लग गए, जिन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह अवैध फैक्ट्री किसी निजी व्यक्ति के फार्महाउस की जमीन पर संचालित की जा रही थी।

जांच में यह जानकारी भी मिली है कि यहां तैयार किए गए पटाखों को पिकअप वाहनों के माध्यम से इंदौर भेजा जाता था, जहां इन्हें बाजार में बेचा जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पूर्व थाना प्रभारी भगवान सिंह बीरा को मुखबिर से सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने योजना बनाकर जंगल क्षेत्र में छापेमारी की और अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और फैक्ट्री के मालिक की तलाश की जा रही है। साथ ही इस अवैध पटाखा निर्माण से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।