यूएई पर हमले की पीएम मोदी ने निंदा, शांति और सुरक्षा पर जोर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए नागरिकों पर हमले को अस्वीकार्य बताया, भारत ने यूएई के साथ एकजुटता जताई।
हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए, भारत ने कूटनीति और संवाद के जरिए शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया गया।
Uae Attack/ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। इन हमलों में तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जिससे भारत सरकार ने चिंता व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस घटना को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा बताया।
अपने आधिकारिक बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत United Arab Emirates के साथ पूरी तरह एकजुट है और इस कठिन समय में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने संवाद और कूटनीति के माध्यम से सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए पोस्ट में कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से Strait of Hormuz का उल्लेख करते हुए कहा कि इस जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। ऐसे में इस क्षेत्र में शांति बनाए रखना सभी देशों के हित में है।
भारत ने हमेशा से अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन किया है। इस घटना के बाद भी भारत ने अपने इसी रुख को दोहराया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर भी असर डाल सकते हैं।
कुल मिलाकर, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा और वैश्विक शांति के मुद्दे पर किसी भी तरह की आक्रामकता को स्वीकार नहीं करेगा और शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में खड़ा रहेगा।