छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों ने CBSE दिखाकर फीस वसूली
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छत्तीसगढ़ में निजी स्कूल CBSE का झांसा देकर भारी फीस वसूल रहे, सरकार ने जांच के लिए 1784 स्कूलों की सूची हाईकोर्ट में पेश की।
हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों की याचिका खारिज की, सभी स्कूलों को सीजी बोर्ड नियमों का पालन करना अनिवार्य किया।
Raipur/ छत्तीसगढ़ सरकार ने इस वर्ष शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है और कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षालागू की है। इसके तहत राज्य के सभी स्कूलों को एक ही तारीख पर परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस सख्ती के बाद कई निजी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आई। जांच में पता चला कि कई स्कूल सीजी बोर्ड की मान्यता लेकर छात्रों को CBSE स्कूल बताकर भ्रमित कर रहे थे और उच्च फीस वसूल रहे थे। हाईकोर्ट ने इस मामले में स्कूलों की याचिका खारिज कर सरकार के निर्णय को सही ठहराया।
आरंग के कृष्णा पब्लिक स्कूल का मामला सामने आने के बाद प्रदेश में इस फर्जीवाड़े की श्रृंखला उजागर हुई। ऐसे स्कूल अभिभावकों को CBSE में दाखिला दिलाने का दावा करते हैं, जबकि उनकी आधिकारिक मान्यता केवल छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से है। नर्सरी से आठवीं तक पढ़ाई कराने वाले कई स्कूल इसी तरीके से मोटी फीस वसूलते हैं।
प्रदेश के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पहले भी इस प्रकार की शिकायतें मिली थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। अब सरकार ने हाईकोर्ट में 1784 स्कूलों की सूची प्रस्तुत की है, जिन पर गलत जानकारी देने और फीस वसूलने के आरोप हैं। हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर विस्तृत शपथ पत्र देने को कहा है।
इस कदम से न केवल अभिभावकों को सही जानकारी मिलेगी, बल्कि शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर भी रोक लगेगी। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो और किसी को धोखा न दिया जा सके।