डबरा नगर पालिका बैठक में हंगामा
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डबरा नगर पालिका विशेष सम्मेलन में कर्मचारी और पार्षद के बीच तीखी बहस, पुलिस हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में आई।
बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप और सीएमओ के मोबाइल में व्यस्त होने के बयान से प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल।
डबरा/ नगर पालिका के विशेष सम्मेलन में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बैठक के दौरान एक कर्मचारी और पार्षद के बीच तीखी बहस ने उग्र रूप ले लिया। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में आयोजित इस आधिकारिक बैठक में अचानक हुए विवाद ने सभी को हैरान कर दिया। कुछ ही मिनटों में आरोप-प्रत्यारोप, गाली-गलौज और हंगामे की स्थिति बन गई, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका का विशेष सम्मेलन शहर के विकास कार्यों और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया गया था। बैठक में नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारी, पार्षदगण और अन्य कर्मचारी मौजूद थे। इसी दौरान किसी प्रशासनिक विषय को लेकर एक कर्मचारी और पार्षद के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं और गाली-गलौज हुई। हालात इतने बिगड़ गए कि बैठक में मौजूद पुलिस कर्मियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने दोनों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया और माहौल शांत कराया। कुछ समय तक सभा कक्ष में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
विवाद के दौरान एक कर्मचारी ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। इस पर जब सीएमओ से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि घटना के समय वे मोबाइल फोन में व्यस्त थीं और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। उनके इस बयान को लेकर बैठक में उपस्थित लोगों के बीच चर्चा और सवाल उठते रहे।
घटना के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली और आंतरिक समन्वय पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह का विवाद प्रशासन की छवि को प्रभावित करता है। फिलहाल पुलिस ने मामले को शांत करा दिया है, लेकिन इस घटनाक्रम ने नगर पालिका की बैठकों में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।