भारत-अल्जीरिया रक्षा सहयोग मजबूत, संयुक्त आयोग बैठक में विस्तार पर सहमति
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भारत और अल्जीरिया के बीच पहली संयुक्त आयोग बैठक में रक्षा सहयोग, प्रशिक्षण और सैन्य अभ्यास को बढ़ाने पर सहमति बनी।
दोनों देशों ने रक्षा सहयोग की निगरानी के लिए कार्यप्रणाली ढांचे पर हस्ताक्षर कर दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया।
अल्जीरिया प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे के दौरान रक्षा उद्योगों से वार्ता कर औद्योगिक सहयोग और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देगा।
New Delhi/ भारत और अल्जीरिया के बीच आयोजित इस पहली संयुक्त आयोग बैठक में रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास, चिकित्सा सहयोग और रक्षा उद्योगों में साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
दोनों देशों ने रक्षा सहयोग के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक कार्यप्रणाली ढांचे पर हस्ताक्षर किए, जो भविष्य की संयुक्त आयोग बैठकों के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करेगा।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता अमिताभ प्रसाद और कायद नूर एड्डिन ने की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में तीनों सेनाओं, एकीकृत रक्षा स्टाफ, रक्षा उत्पादन विभाग, DRDO, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2024 में रक्षा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उच्च स्तरीय यात्राओं और नियमित संवाद से सहयोग के नए अवसर खुल रहे हैं।
बैठक से पहले अल्जीरिया के नौसेना प्रमुख मेजर जनरल कायद नूर एड्डिन ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यह कदम दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग की भावना को दर्शाता है।
इस दौरे के दौरान अल्जीरिया का प्रतिनिधिमंडल भारतीय रक्षा उद्योगों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेगा, जिससे औद्योगिक सहयोग के नए आयाम खुलने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक भारत-अल्जीरिया रक्षा संबंधों को नई मजबूती देने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर रणनीतिक साझेदारी को भी सशक्त करेगी।