बड़वानी में कृषि कैबिनेट: 37,746 करोड़ की किसान योजना मंजूर

Mon 02-Mar-2026,03:40 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

बड़वानी में कृषि कैबिनेट: 37,746 करोड़ की किसान योजना मंजूर MP-Agriculture-Cabinet-Barwani-37746-Crore-Farmer-Plan
  • बड़वानी में पहली बार आयोजित कृषि कैबिनेट में 37,746 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी, किसान आय बढ़ाने पर सरकार का बड़ा फोकस।

  • सूक्ष्म सिंचाई, फूड प्रोसेसिंग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर आदिवासी क्षेत्रों में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत करने की रणनीति।

Madhya Pradesh / Barwani :

बड़वानी/ मध्यप्रदेश में पहली बार जनजातीय बहुल बड़वानी जिले में राज्य की कृषि कैबिनेट का आयोजन कर सरकार ने किसानों और आदिवासी क्षेत्रों को बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कृषि, सिंचाई, फूड प्रोसेसिंग, प्राकृतिक खेती और मत्स्य पालन से जुड़े अहम फैसले लिए गए। किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत हजारों करोड़ रुपए की योजनाओं को मंजूरी देकर सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का रोडमैप प्रस्तुत किया।

मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में आयोजित कृषि कैबिनेट की इस विशेष बैठक को राज्य सरकार की ग्रामीण और आदिवासी केंद्रित नीति का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2031 तक कुल 37,746 करोड़ रुपए की व्यापक योजना स्वीकृत की गई है।

सरकार का फोकस कृषि को उद्योगों से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने पर है। बड़वानी जिले में 30,800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में केला और मिर्च का उत्पादन होता है, जिसे देखते हुए यहां फूड प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर बाजार और मूल्य संवर्धन का लाभ मिलेगा। साथ ही आधुनिक सब्जी मंडी की स्थापना का निर्णय लिया गया है।

सिंचाई के क्षेत्र में पाटी उद्वहन सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के तहत 5,940 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। इससे लगभग 7,986 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की लागत घटेगी।

खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श उप मंडी के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे कपास और मक्का उत्पादक किसानों को बेहतर विपणन सुविधा मिलेगी।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। इन्हें उन्नत प्रशिक्षण देकर जिले में प्राकृतिक कृषि मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त बजट्टा खुर्द स्थित 50 एकड़ क्षेत्र को आदर्श बीज उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

मत्स्य पालन क्षेत्र में नर्मदा सरोवर जलाशय से प्रभावित मछुआरा समुदाय के लिए एकीकृत मत्स्य उत्पादन नीति 2026 लागू की जाएगी। 5,000 केजों के माध्यम से आधुनिक एक्वापोनिक्स और हाइड्रोपोनिक्स आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने नागलवाड़ी में भगोरिया उत्सव के दौरान लोकदेवता भीलट देव की पूजा-अर्चना की। सरकार का मानना है कि यह पहल कृषि विकास के साथ जनजातीय क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देगी।