नारी शक्ति वंदन अधिनियम: छत्तीसगढ़ में महिला नेतृत्व को मिल रहा बल
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Nari-Shakti-Vandan-ACT-Chhattisgarh-Women-Reservation
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण, छत्तीसगढ़ सरकार इसे तेजी से लागू करने में जुटी।
महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता, बस्तर सहित पूरे राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही।
Raipur/ नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। 128वें संविधान संशोधन के रूप में पारित इस कानून का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है, जिससे उनकी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
छत्तीसगढ़ में Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। राज्य सरकार इसे महिला-नेतृत्व वाले विकास की मजबूत नींव मान रही है।
साल 2023 में पारित यह अधिनियम अब 16 अप्रैल 2026 की गजट अधिसूचना के बाद लागू होने की प्रक्रिया में है। मुख्यमंत्री साय ने इसे 21वीं सदी का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक सुधार बताया है और कहा है कि इससे महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार का स्पष्ट विज़न है कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता बनाया जाए। इसके लिए गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है, जिससे महिलाओं को उनके अधिकारों और अवसरों की जानकारी मिल सके।
छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित किया है। इसके तहत पंचायतों, नगरीय निकायों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है।
आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है। महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता और सामाजिक स्थिति मजबूत हो रही है।
नई दिल्ली और रायपुर में आयोजित सम्मेलनों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखी गई, जो इस बदलाव के प्रति उनके उत्साह को दर्शाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी ही नए भारत की असली पहचान बनेगी।
बस्तर क्षेत्र में भी महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने की कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर, नारी शक्ति वंदन अधिनियम छत्तीसगढ़ में सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन की नई शुरुआत बनता नजर आ रहा है।