तिरुनेलवेली में किसानों को कंद फसल की आधुनिक खेती का प्रशिक्षण, बीज और कृषि सामग्री वितरित

Wed 04-Mar-2026,11:49 PM IST +05:30

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तिरुनेलवेली में किसानों को कंद फसल की आधुनिक खेती का प्रशिक्षण, बीज और कृषि सामग्री वितरित Tamil Nadu Farmer Training
  • तिरुनेलवेली में कंद फसल खेती पर किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम.

  • वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों पर किसानों को मार्गदर्शन.

  • किसानों को रोपण सामग्री, उर्वरक और कृषि उपकरण वितरित.

Kerala / Tiruvalla :

Tiruvalla / केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत तिरुवनंतपुरम के श्रीकार्य में स्थित केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर–सीटीसीआरआई) ने तमिलनाडु के बागवानी विभाग के सहयोग से तिरुनेलवेली जिले में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उष्णकटिबंधीय कंद फसलों की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती से परिचित कराना तथा उनकी आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों की जानकारी देना था।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तिरुनेलवेली के पल्लक्कल पोत्तुकुडी, पप्पाकुडी और अंबासमुद्रम क्षेत्रों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े लगभग 100 किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को कंद फसलों की उन्नत खेती के बारे में जागरूक करना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना था ताकि वे वैज्ञानिक तरीकों से खेती कर अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत और अधिक उत्पादन देने वाली कंद फसलों की किस्मों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही वैज्ञानिक खेती की तकनीक, फसल प्रबंधन, एकीकृत पोषण प्रबंधन और कीट नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। किसानों को यह भी बताया गया कि कैसे बेहतर खेती के साथ-साथ कंद फसलों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से अतिरिक्त आय के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा किसानों को कृषि संसाधनों का वितरण भी था। समर्थन योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी किसान को गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसमें विशेष रूप से अरबी (चेन), कसावा (मरच्चीनी) और चीनी आलू जैसी कंद फसलों के पौधे दिए गए। इसके अलावा किसानों को उर्वरक जैसे यूरिया, फॉस्फोरस और पोटाश भी वितरित किए गए।

कृषि उपकरणों के रूप में स्प्रेयर, होज पाइप, फावड़ा, पिकैक्स और माइक्रो न्यूट्रिएंट्स जैसे जरूरी संसाधन भी किसानों को प्रदान किए गए ताकि वे आधुनिक और प्रभावी तरीके से खेती कर सकें। इस पहल का उद्देश्य किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधनों से सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

आईसीएआर–सीटीसीआरआई ने यह भी योजना बनाई है कि जिन किसानों में इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की क्षमता है, उन्हें कंद फसलों के बीज उत्पादक के रूप में पंजीकृत किया जाएगा। बाद में इन किसानों से रोपण सामग्री खरीदकर स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा और क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय आईसीएआर–सीटीसीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. सी. मोहन, डॉ. के. सुनीलकुमार और डॉ. पी. प्रकाश ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन पंचायत अध्यक्ष पी. रामचंद्रु ने किया। इस अवसर पर बागवानी अधिकारी वी. विघ्नेश, सहायक कृषि अधिकारी बी. मैथ्यू, पंचायत अध्यक्ष पी. रामचंद्रु और पंचायत उपाध्यक्ष डी. सेल्वम सहित कई अधिकारी और किसान मौजूद रहे।

इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है, क्योंकि इससे उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलती है और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के नए अवसर भी खुलते हैं।